September 13, 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश के लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। अब ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं होने के कारण सीधे वेतन में कटौती नहीं की जाएगी, खासकर तब जब ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न होने की वजह तकनीकी समस्या हो।

हालांकि, प्रदेश में ई-अटेंडेंस की व्यवस्था अनिवार्य रहेगी। यानी शिक्षकों और कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करनी होगी, लेकिन नेटवर्क, ऐप, लॉगिन या लोकेशन जैसी तकनीकी दिक्कतों के कारण उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाने को अपने आप अनुपस्थिति नहीं माना जाएगा।

98 से 99 फीसदी तक पहुंची ई-अटेंडेंस

प्रदेश में ई-अटेंडेंस की व्यवस्था लागू होने के बाद इसकी अनुपालन दर करीब 98 से 99 फीसदी तक पहुंच गई है। हालांकि, कई जगह शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

इनमें नेटवर्क की समस्या, लॉगिन में दिक्कत, ऐप में तकनीकी खामी, लोकेशन संबंधी समस्या और अन्य तकनीकी कारण शामिल हैं। ऐसी परिस्थितियों में स्कूल में मौजूद रहने के बावजूद ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं हो पा रही थी और कई मामलों में इसका असर कर्मचारियों के वेतन पर पड़ रहा था।

तकनीकी कारण से सैलरी नहीं कटेगी

मामले को लेकर DPI आयुक्त की बैठक में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। बैठक में कहा गया कि केवल ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं होने के आधार पर वेतन नहीं काटा जाए।

यदि किसी कर्मचारी की सैलरी ई-अटेंडेंस से जुड़ी वजह से रोक दी गई है, तो संबंधित मामले की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कारण से ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं हो पाती है, तो मामले में संकुल प्राचार्य स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।

जिला स्तर पर जारी हुए निर्देश

DPI आयुक्त के निर्देश के बाद इस संबंध में जिला स्तर पर भी आदेश जारी किए गए हैं। इसका उद्देश्य तकनीकी खामी के कारण स्कूल में मौजूद शिक्षक या कर्मचारी को अनुपस्थित मानकर वेतन संबंधी नुकसान से बचाना है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। शिक्षकों और कर्मचारियों को निर्धारित व्यवस्था के तहत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना जारी रखना होगा।

शिक्षक संगठन कर रहे थे विरोध

ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर शिक्षक संगठन लगातार विरोध जता रहे थे। संगठनों की मुख्य आपत्ति तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं होने और इसके चलते वेतन कटौती किए जाने को लेकर थी।

अब नए निर्देश के बाद तकनीकी वजहों से ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं होने वाले मामलों में राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, वास्तविक अनुपस्थिति और तकनीकी समस्या के बीच अंतर तय करने की जिम्मेदारी संबंधित स्तर पर रहेगी।

शिक्षकों के लिए क्या बदला?

  • ई-अटेंडेंस अनिवार्य रहेगी।
  • तकनीकी समस्या के कारण ई-अटेंडेंस नहीं लगने पर इसे सीधे अनुपस्थिति नहीं माना जाएगा।
  • केवल तकनीकी वजह से वेतन कटौती नहीं की जाएगी।
  • पहले से रोकी गई सैलरी के मामलों की जानकारी देने के निर्देश हैं।
  • ई-अटेंडेंस नहीं लगने की स्थिति में संबंधित मामले पर संकुल प्राचार्य निर्णय लेंगे।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *