September 13, 2026

भोपाल: मध्य प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में महिला IAS अधिकारी नेहा मारव्या के लगातार तबादलों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पिछले करीब एक साल में चार तबादले और हालिया तबादले के महज 50 दिन के भीतर नई जिम्मेदारी मिलने के बाद नेहा मारव्या ने अधिकारियों के आधिकारिक सोशल मीडिया ग्रुप में एक लंबी पोस्ट लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

अपनी पोस्ट में उन्होंने बार-बार हो रहे तबादलों के साथ अधीनस्थ कर्मचारियों की कार्यशैली और IAS एसोसिएशन के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं। उनकी पोस्ट सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।

‘एक महीने में विभाग समझ आता है, मेरा कार्यकाल 2-3 महीने का’

नेहा मारव्या ने लगातार हो रहे तबादलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी अधिकारी को किसी विभाग की कार्यप्रणाली समझने में ही कम से कम एक महीने का समय लग जाता है, लेकिन उनका कार्यकाल ही महज 2 से 3 महीने का रह जाता है।

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “एक अधिकारी को किसी विभाग की कार्यप्रणाली समझने में ही कम से कम एक महीने का समय लग जाता है, लेकिन मेरा कार्यकाल ही महज 2 से 3 महीने का होता है।”

उनका कहना है कि इतनी कम अवधि में किसी विभाग में प्रभावी तरीके से काम करना और परिणाम देना मुश्किल होता है।

अधीनस्थ कर्मचारियों पर लगाए गंभीर आरोप

IAS अधिकारी ने अपनी पोस्ट में अधीनस्थ कर्मचारियों के रवैये को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उनके मातहत काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने उनके खिलाफ विद्रोह किया और खुले तौर पर उनका तबादला कराने की धमकी तक दी।

नेहा मारव्या के मुताबिक, उन्होंने इस संबंध में शिकायत भी की थी। उनका सवाल है कि शिकायत के बाद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उनकी ही जिम्मेदारियों को सीमित किया गया और बाद में उनका तबादला कर दिया गया।

इन आरोपों पर संबंधित कर्मचारियों या प्रशासन की ओर से अलग पक्ष सामने आने की स्थिति में तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

IAS एसोसिएशन की चुप्पी पर भी सवाल

नेहा मारव्या ने अपनी पोस्ट में IAS एसोसिएशन के रवैये पर भी निराशा जताई। उन्होंने कहा कि जिस तरह का समर्थन संगठन से मिलना चाहिए था, वह उन्हें नहीं मिला।

उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में लिखा कि “आज मैं इस स्थिति में हूं, कल कोई और IAS अधिकारी निशाना बनेगा।”

उनकी इस टिप्पणी को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

IAS एसोसिएशन अध्यक्ष ने की सार्वजनिक प्रतिक्रिया से बचने की अपील

नेहा मारव्या की पोस्ट के बाद मामले ने तूल पकड़ा तो IAS एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव ने ग्रुप के सदस्यों से इस पोस्ट पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं देने की अपील की।

बताया जा रहा है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने नेहा मारव्या को आत्मविश्लेषण करने और अपने व्यवहार पर विचार करने की सलाह भी दी है। हालांकि, इस पूरे मामले में अधिकारियों के बीच हुई चर्चाओं को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

फिलहाल MP अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम की जिम्मेदारी

हालिया तबादला सूची में नेहा मारव्या को नई जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, उनके पास प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम का दायित्व फिलहाल बरकरार है।

लगातार तबादलों के बीच एक महिला IAS अधिकारी का इस तरह अधिकारियों के आधिकारिक ग्रुप में खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करना मध्य प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में चर्चा का विषय बन गया है। अब देखना होगा कि उनकी शिकायतों और आरोपों को लेकर शासन स्तर पर कोई प्रतिक्रिया या कार्रवाई सामने आती है या नहीं।

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