रायपुर। छत्तीसगढ़ NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय पर 29 लाख रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता राजू सोनकर का आरोप है कि अलग-अलग काम दिलाने का भरोसा देकर उनसे कई बार रकम ली गई, लेकिन बताए गए काम पूरे नहीं हुए और पैसे वापस मांगने के बावजूद रकम नहीं लौटाई गई। हालांकि, नीरज पांडेय ने शिकायतकर्ता के आरोपों को गलत बताया है।

मंत्रालय में नौकरी से लेकर रेत खदान तक का भरोसा देने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, राजू सोनकर ने इस मामले को लेकर पुरानी बस्ती थाने में शिकायत की है। इसके अलावा उन्होंने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला को भी आवेदन दिया है।
शिकायत में राजू सोनकर ने नीरज पांडेय के अलावा उनके भाई दीपक पांडेय और चाचा इंद्रासन पांडेय के नाम भी दर्ज किए हैं।
पीड़ित का दावा है कि उसे अपनी पत्नी के लिए मंत्रालय में नौकरी दिलाने और रेत खदान का काम दिलाने का भरोसा दिया गया था। इसके अलावा सिप्ला कंपनी की एजेंसी या डीलरशिप दिलाने की बात कहकर भी रकम लिए जाने का आरोप लगाया गया है।
अलग-अलग भुगतान और बैंक ट्रांजेक्शन का किया जिक्र
राजू सोनकर ने अपनी शिकायत में अलग-अलग समय पर किए गए भुगतानों और बैंक ट्रांजेक्शन का भी उल्लेख किया है। उनका आरोप है कि भरोसा दिलाकर रकम लेने के बाद जब संबंधित काम नहीं हुए तो उन्होंने पैसे वापस मांगे, लेकिन रकम वापस नहीं की गई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, कुल रकम 29 लाख रुपये से अधिक है। अब उसने पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
सुरक्षा को लेकर भी जताई आशंका
राजू सोनकर ने अपने आवेदन में अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि उन्हें किसी अप्रिय घटना की आशंका है। शिकायतकर्ता ने आवेदन में कहा कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए नीरज पांडेय, दीपक पांडेय और इंद्रासन पांडेय जिम्मेदार होंगे।
नीरज पांडेय ने आरोपों को बताया गलत
वहीं, NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने शिकायतकर्ता के आरोपों को गलत बताया है। ऐसे में मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल शिकायत के आधार पर पुलिस और संबंधित अधिकारियों के स्तर पर मामले की जांच की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।