September 21, 2026

कांकेर। साल 2019 में कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम जुगड़ा जंगल में हुई श्यामनाथ आंचला की हत्या के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश (NIA) भानुप्रतापपुर की अदालत ने आरोपी पीलूराम आंचला उर्फ सालिक राम को दोषी ठहराया है। अदालत ने 16 सितंबर को आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामले में कुल 13 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे।

घर से ले जाकर हत्या करने का था आरोप

अभियोजन के अनुसार, 26 अगस्त 2019 की शाम करीब 5 बजे ग्राम जुगड़ा के जंगल में श्यामनाथ आंचला की हत्या की गई थी। आरोप था कि पीलूराम आंचला ने अपने साथियों के साथ मिलकर घातक हथियारों से लैस होकर श्यामनाथ को उसके घर से ले गया और जंगल में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।

मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 364, 302/149, आयुध अधिनियम की धारा 25 और 27 तथा विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (UAPA) की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे।

इन धाराओं में सुनाई गई सजा

विशेष सत्र न्यायाधीश दीपक के. गुप्ता की अदालत ने आरोपी पीलूराम आंचला उर्फ सालिक राम को विभिन्न धाराओं में दोषसिद्ध करते हुए सजा सुनाई।

  • धारा 148 IPC: 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड।
  • धारा 364 IPC: 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड।
  • धारा 302/149 IPC: आजीवन कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड।
  • आयुध अधिनियम की धारा 25 और 27: आजीवन कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड।

अर्थदंड का भुगतान नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास की सजा भी निर्धारित की गई है। अदालत के आदेश के अनुसार सभी सजाएं एक साथ चलेंगी

धारा 147 और 148 में से धारा 148 में दोषसिद्धि

फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया कि धारा 147 और 148 एक ही प्रकृति के अपराध से संबंधित होने के कारण आरोपी को धारा 147 के बजाय धारा 148 के तहत दोषसिद्ध किया गया है।

13 गवाहों ने दी गवाही

मामले की सुनवाई के दौरान कुल 13 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन की ओर से NIA के विशेष लोक अभियोजक त्रिभुवन शंकर यादव ने शासन की ओर से पैरवी की।

अदालत के फैसले के बाद हत्या के मामले में दोषी पीलूराम आंचला उर्फ सालिक राम को आजीवन कारावास की सजा भुगतनी होगी।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *