रायपुर। छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टरों की 21 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल फिलहाल सात दिनों के लिए टाल दी गई है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ विभिन्न मांगों को लेकर चर्चा की। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने मांगों के निराकरण की दिशा में कार्रवाई के लिए सात दिन का समय मांगा, जिसे JDA ने स्वीकार कर लिया।

JDA की जनरल बॉडी बैठक में हड़ताल को आगे बढ़ाने का सामूहिक निर्णय लिया गया। अब संगठन की ओर से 28 सितंबर तक सरकार की कार्रवाई का इंतजार किया जाएगा। इस अवधि में जूनियर डॉक्टर अपनी नियमित ड्यूटी और चिकित्सा सेवाएं जारी रखेंगे।
21 सितंबर से शुरू होनी थी अनिश्चितकालीन हड़ताल
JDA ने लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर 21 सितंबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया था। इससे पहले संगठन की ओर से सरकार के सामने मांगों को लेकर पत्राचार और बातचीत की गई थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, JDA की मांगों में स्टाइपेंड बढ़ाने, PG रेजिडेंट्स के वेतन एवं मानदेय में संशोधन समेत चिकित्सकों से जुड़े अन्य सेवा संबंधी मुद्दे शामिल हैं। संगठन ने कुल 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी की थी।
सात दिन तक जारी रहेगा सांकेतिक विरोध
हड़ताल स्थगित करने के बावजूद JDA ने मांगों को लेकर अपना शांतिपूर्ण विरोध जारी रखने का फैसला किया है। इस दौरान Black Ribbon Protest, Candle March, रैली और शांतिपूर्ण प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
JDA का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत और समाधान की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही मरीजों को परेशानी न हो, इसे ध्यान में रखते हुए नियमित चिकित्सा सेवाएं जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
7 दिन बाद जनरल बॉडी तय करेगी आगे की रणनीति
JDA के अनुसार, सात दिन की अवधि में सरकार की ओर से मांगों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी। यदि निर्धारित अवधि में अपेक्षित समाधान नहीं होता है, तो संगठन की जनरल बॉडी बैठक में आगे की रणनीति पर सामूहिक निर्णय लिया जाएगा।
JDA ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल समेत अन्य लोकतांत्रिक आंदोलनात्मक कदमों पर भी विचार किया जा सकता है। फिलहाल डॉक्टर नियमित ड्यूटी करते हुए अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाएंगे।