मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विजयादशमी के अवसर पर इंदौर की डीआरपी लाइन में आयोजित कार्यक्रम में शस्त्र पूजन किया। इस दौरान उन्होंने सनातन संस्कृति, भगवान राम और भगवान कृष्ण की परंपराओं का उल्लेख करने के साथ पुलिस व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सरकारी भर्तियों पर भी बात रखी।

कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को 51 बाइक उपलब्ध कराने की पहल भी प्रमुखता से सामने आई। इन बाइकों से शहर में गश्त बढ़ाने और आपात स्थिति में पुलिस के तेजी से घटनास्थल तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शस्त्र पूजन के साथ पुलिसिंग मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विजयादशमी के महत्व को बताते हुए भगवान राम की रावण पर विजय और मां दुर्गा द्वारा महिषासुर वध का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व शक्ति, सामर्थ्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति की प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली, संस्कारों और आध्यात्मिक परंपराओं का भी जिक्र किया। उन्होंने शास्त्रों के सम्मान और पूजा की परंपरा को भारतीय जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
इंदौर पुलिस को मिलेंगी 51 बाइक, गश्त में मिलेगी मदद
कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को 51 बाइक उपलब्ध कराने की पहल को कानून-व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया। इन बाइकों के जरिए पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग को बेहतर बनाने और जरूरत पड़ने पर घटनास्थल तक तेजी से पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शहर की संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बाइक से आवाजाही अपेक्षाकृत आसान हो सकती है। इससे पुलिसकर्मियों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने में सुविधा मिल सकती है।
सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मार्गों और यातायात व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव से लोगों की सुरक्षा बेहतर हो सकती है।
सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम लोगों की जान और रोजमर्रा की सुरक्षा से भी जुड़ी है। बेहतर पुलिस गश्त, सक्रिय निगरानी और व्यवस्थित यातायात प्रबंधन से दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
AI और तकनीक से पुलिस व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित आधुनिक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में तकनीक के माध्यम से बदलाव हो रहे हैं और इंदौर में भी नई तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है।
पुलिस व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल निगरानी, अपराध नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई में सहायक हो सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ तकनीक के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर उसके इस्तेमाल पर निर्भर करेगा।
पुलिस विभाग में 18 हजार पदों पर भर्ती का जिक्र
मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने और भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी बात रखी। उनके संबोधन के अनुसार, पुलिस विभाग में 18 हजार पदों पर भर्ती का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने अगले दो वर्षों में करीब 1 लाख 22 हजार रिक्त पदों को भरने की दिशा में काम करने का लक्ष्य भी बताया। संबोधन में लगभग 85 हजार पदों पर नियुक्तियों का भी उल्लेख किया गया।
इन आंकड़ों के बीच भर्ती प्रक्रिया की समय-सीमा और वास्तविक नियुक्तियों की स्थिति पर नजर रहेगी। युवाओं के लिए अहम होगा कि घोषित लक्ष्यों के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया कब आगे बढ़ती है और नियुक्तियां किस समय तक पूरी होती हैं।
विजयादशमी पर महिला शक्ति और सनातन परंपरा का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा और महिषासुर वध का उल्लेख करते हुए शक्ति और सामर्थ्य की परंपरा पर बात की। उन्होंने विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताते हुए भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं का जिक्र किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।
इंदौर में आयोजित यह कार्यक्रम शस्त्र पूजन के साथ पुलिस की गश्त व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, तकनीक के इस्तेमाल और सरकारी भर्तियों जैसे मुद्दों को लेकर भी चर्चा में रहा।