September 13, 2026

जांजगीर-चांपा। स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने वाली शासकीय हाईस्कूल तुलसी की व्याख्याता (एलबी) निर्मला कोमल लहरे को लोक शिक्षण संचालनालय ने निलंबित कर दिया है। 3 सितंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। विभाग ने कार्रवाई का आधार सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में मुख्यमंत्री और कलेक्टर के संबंध में की गई कथित अशोभनीय टिप्पणियों को बताया है।

ऑनलाइन अटेंडेंस को लेकर उठाए थे सवाल

ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था लागू होने के बाद निर्मला कोमल लहरे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें उन्होंने शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज किए जाने की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।

उन्होंने कहा था कि जब शिक्षकों की उपस्थिति ऐप के माध्यम से दर्ज की जा रही है, तो अधिकारियों और कलेक्टर की उपस्थिति भी ऑनलाइन दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए समय पर स्कूल पहुंचने में होने वाली परेशानियों का भी मुद्दा उठाया था।

शिक्षकों की परेशानियों और सड़कों पर मवेशियों का मुद्दा उठाया

वायरल वीडियो में शिक्षिका ने दावा किया था कि समय पर स्कूल पहुंचने की कोशिश में कई शिक्षक हादसों का शिकार भी हो जाते हैं। उन्होंने सरकार से शिक्षकों पर ऐप के जरिए निगरानी करने के बजाय अन्य विभागों की व्यवस्थाओं पर भी ध्यान देने की बात कही थी।

उन्होंने सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों की समस्या का उल्लेख करते हुए उन्हें हटाने की मांग भी की थी। इसके अलावा मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को जनता की निगरानी के लिए सार्वजनिक किए जाने की अपील की थी।

वीडियो में शिक्षिका ने कहा था कि वह अपनी बात रखने से डरेंगी नहीं। उन्होंने व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर आगामी चुनाव में सरकार को सत्ता से बाहर करने की चेतावनी भी दी थी।

विभाग ने कहा- शासन की छवि हुई धूमिल

लोक शिक्षण संचालनालय के निलंबन आदेश के मुताबिक, जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर-चांपा के 2 सितंबर के पत्र के आधार पर कार्रवाई की गई। आदेश में कहा गया है कि 31 अगस्त 2026 को वायरल वीडियो में निर्मला कोमल लहरे ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर के संबंध में अशोभनीय टिप्पणियां करते हुए आलोचना की और वीडियो को मीडिया में प्रसारित किया।

विभाग ने इस कृत्य को पदीय दायित्वों के विपरीत बताते हुए शासन और विभाग की छवि धूमिल करने वाला माना है। आदेश में इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 और 10 के तहत कदाचार बताया गया है।

कारण बताओ नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं मिला

विभाग के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब में शिक्षिका ने अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया था। विभाग ने उनके जवाब को संतोषजनक और समाधानकारक नहीं माना। इसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।

लोक शिक्षण संचालनालय ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के उपनियम (1)(क) के तहत निर्मला कोमल लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।

DEO कार्यालय रहेगा निलंबन अवधि का मुख्यालय

निलंबन अवधि के दौरान शिक्षिका को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जांजगीर-चांपा निर्धारित किया गया है।

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