September 14, 2026

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 23 वर्षीय कश्मीरी छात्र को बड़ी राहत देते हुए उसके खिलाफ बिलासपुर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में चल रही आपराधिक कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने मामले में शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए शिकायतकर्ता अमन कुमार गुप्ता को स्पीड पोस्ट के जरिए नोटिस जारी किया। राज्य की ओर से नोटिस स्वीकार किए जाने के कारण कोर्ट ने राज्य को अलग से नोटिस जारी करने की आवश्यकता नहीं मानी। जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।

24 अप्रैल की घटना, दो दिन बाद दर्ज हुई FIR

याचिकाकर्ता सूफी अब्दुल रहमान की ओर से अधिवक्ता ईशान वर्मा ने कोर्ट को बताया कि कथित घटना 24 अप्रैल 2026 को हुई थी, जबकि शिकायतकर्ता की ओर से 26 अप्रैल को FIR दर्ज कराई गई।

अधिवक्ता के अनुसार, घटना से पहले ही दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। इस विवाद को लेकर याचिकाकर्ता ने जैव प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष से शिकायत की थी। विभागाध्यक्ष की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच मामला सुलझ गया था।

कार्यालय से बाहर निकलने के बाद फिर हुआ विवाद

याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कार्यालय से बाहर निकलने के बाद शिकायतकर्ता ने उसे कथित तौर पर धमकी दी और कहा कि वह छत्तीसगढ़ का निवासी नहीं है। इसके बाद दोनों के बीच दोबारा विवाद हुआ।

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि इसी घटना को लेकर उसने भी पुलिस से शिकायत की थी। उसकी शिकायत के आधार पर 27 अप्रैल 2026 को काउंटर केस दर्ज किया गया।

कश्मीरी छात्र के खिलाफ बिलासपुर कोर्ट में लंबित है मामला

याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज FIR के आधार पर आपराधिक प्रकरण बिलासपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में लंबित है। छात्र की ओर से हाईकोर्ट में इस आपराधिक कार्यवाही को चुनौती दी गई है।

अधिवक्ता ने बताया कि याचिकाकर्ता 23 वर्षीय छात्र है और अपने स्थायी निवास जम्मू-कश्मीर से दूर रहकर पढ़ाई कर रहा है। उसका अकादमिक रिकॉर्ड भी अच्छा है। ऐसे में उसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण लंबित रहने से उसकी पढ़ाई और भविष्य के करियर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

FIR को एकतरफा बताते हुए निरस्त करने की मांग

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि दर्ज FIR कथित घटना का एकतरफा पक्ष प्रस्तुत करती है। इसी आधार पर FIR और उसके आधार पर चल रही आपराधिक कार्यवाही को निरस्त करने की मांग हाईकोर्ट से की गई।

अगली सुनवाई तक आपराधिक कार्यवाही पर रोक

मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने शिकायतकर्ता अमन कुमार गुप्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने नोटिस की तामील से दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का समय दिया है।

साथ ही, हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक छात्र के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में चल रही आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाने का आदेश दिया है।

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