September 23, 2026

कोरबा। मालती किन्नर की मौत के बाद कोरबा में किन्नर समाज की गद्दी और उत्तराधिकार को लेकर विवाद गहरा गया है। जम्मू-कश्मीर से शीतल नायक के कोरबा पहुंचने के बाद विवाद और बढ़ने का दावा किया जा रहा है। स्थानीय पक्ष का आरोप है कि मालती किन्नर ने अपने जीवनकाल में ही अपनी चेली रानू किन्नर को गद्दी का उत्तराधिकारी घोषित किया था। वहीं, अब गद्दी पर अधिकार को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हैं।

मालती किन्नर के निधन के बाद बढ़ा विवाद

बताया जा रहा है कि मालती किन्नर ने निधन से पहले अपनी एक चेली को गद्दी का उत्तराधिकारी बनाया था। उनके निधन के बाद उत्तराधिकारी पक्ष और बाहर से कोरबा पहुंचे किन्नरों के बीच गद्दी पर अधिकार को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है।

स्थानीय पक्ष का कहना है कि गुरु द्वारा जीवनकाल में तय किए गए उत्तराधिकारी को ही गद्दी का अधिकार मिलना चाहिए। वहीं, दूसरे पक्ष की मौजूदगी के बाद इस उत्तराधिकार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

शीतल नायक के पहुंचने के बाद विवाद ने पकड़ा तूल

इसी बीच जम्मू-कश्मीर से शीतल नायक के कोरबा पहुंचने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय पक्ष का दावा है कि शीतल नायक कुछ अन्य किन्नरों के साथ कोरबा पहुंची हैं। आरोप है कि गद्दी पर अधिकार को लेकर स्थानीय पक्ष पर दबाव बनाया जा रहा है और धमकियां दी जा रही हैं।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और दूसरे पक्ष का विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

रानू किन्नर ने लगाए धमकी के आरोप

मालती किन्नर की चेली रानू किन्नर ने आरोप लगाया है कि उन्हें डराने और दबाव में लेने की कोशिश की जा रही है। उनका दावा है कि उनके आसपास कुछ बाहरी लोग भी मौजूद हैं, जिन पर कथित तौर पर धमकी देने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

रानू के इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

वरिष्ठ किन्नरों ने परंपरा का दिया हवाला

विवाद के बीच रायपुर की अनीता किन्नर और रायगढ़ की पूर्व महापौर मधु बाई किन्नर की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। वरिष्ठ किन्नरों का कहना है कि समाज की परंपरा के अनुसार गुरु द्वारा जीवनकाल में बनाए गए उत्तराधिकारी को ही गद्दी सौंपने की परंपरा रही है।

गद्दी के अधिकार पर फैसला जांच के बाद स्पष्ट होगा

मालती किन्नर के निधन के बाद शुरू हुआ गद्दी और उत्तराधिकार का विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। एक पक्ष मालती किन्नर द्वारा रानू किन्नर को उत्तराधिकारी बनाए जाने का दावा कर रहा है, जबकि दूसरे पक्ष की मौजूदगी से विवाद और गहरा गया है।

फिलहाल गद्दी पर वास्तविक अधिकार किसका होगा और धमकी से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह जांच और दोनों पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस की भूमिका भी इस पूरे विवाद में महत्वपूर्ण है।

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