रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के जल संसाधन विभाग ने राज्य में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 7 प्रमुख सिंचाई योजनाओं के लिए 30 करोड़ 74 लाख 39 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृत राशि से नहरों के जीर्णोद्धार, रिमॉडलिंग, सीसी लाइनिंग और भूमिगत पाइपलाइन निर्माण समेत कई महत्वपूर्ण कार्य कराए जाएंगे।
सरकार के इस फैसले से संबंधित क्षेत्रों में जल प्रबंधन बेहतर होने और नहरों के टेल एरिया तक पर्याप्त पानी पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बलौदाबाजार में नहर रिमॉडलिंग के लिए 4.99 करोड़
जल संसाधन विभाग के मुताबिक, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की बलौदा शाखा नहर के वितरक क्रमांक 11 और 12 में रिमॉडलिंग, सीसी लाइनिंग और पक्के निर्माण कार्यों के लिए 4.99 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस काम से करीब 339.05 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी।
इसी तरह सोंढूर परियोजना के अंतर्गत भाटापारा शाखा नहर की बेन्द्री वितरक नहर की रिमॉडलिंग और सीसी लाइनिंग के लिए 4.82 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे लगभग 355 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई का पानी मिल सकेगा।
रायपुर में भी कई सिंचाई कार्यों को मंजूरी
रायपुर जिले के धरसींवा विकासखंड में भाटापारा शाखा नहर के अंतर्गत महानदी परियोजना के विभिन्न सुधार कार्यों के लिए 4.20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अलावा मांढ़र शाखा नहर के वितरक क्रमांक 14 में आरडी 2700 मीटर से 3500 मीटर तक नहर को ह्यूम पाइप के जरिए भूमिगत करने के लिए 4.90 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
मांढ़र शाखा नहर में होंगे कई बड़े काम
मांढ़र ब्रांच केनाल की सर्विस रोड में आरडी 31600 मीटर से 32900 मीटर तक डामरीकरण के लिए 1.90 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
वहीं मांढ़र शाखा नहर के वितरक 8 और माइनर 1 में भूमिगत पाइपलाइन के साथ कंक्रीट और मुरमीकरण रोड निर्माण के लिए 4.92 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
मांढ़र शाखा नहर के वितरक 11, 13, 14 और संबंधित माइनर्स में महानदी परियोजना समूह के तहत जीर्णोद्धार कार्यों के लिए 4.97 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
टेल एरिया तक पहुंचेगा सिंचाई का पानी
जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत इन कार्यों का उद्देश्य नहरों की क्षमता और जल प्रवाह को बेहतर करना है। रिमॉडलिंग, सीसी लाइनिंग और भूमिगत पाइपलाइन जैसे कार्यों से पानी के प्रबंधन में सुधार होने के साथ सिंचाई व्यवस्था अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।
सरकार के मुताबिक, इन विकास कार्यों से किसानों के खेतों तक, खासकर नहरों के अंतिम छोर (टेल एरिया) में पर्याप्त पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे सिंचाई सुविधा का विस्तार होने के साथ कृषि गतिविधियों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।