September 21, 2026

भोपाल। इंदौर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी के कार्यक्रम और उनके बयानों पर पलटवार करते हुए इसे ‘झूठ की गूंज’ बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं जैसे मुद्दों पर संवाद तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर होना चाहिए।

‘बिना तैयारी के बयानबाजी कर रहे राहुल गांधी’

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी को मध्य प्रदेश के युवाओं के बीच संवाद करने से पहले प्रदेश की जमीनी स्थिति और पुराने आंकड़ों को देखना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने पर्याप्त तैयारी के बिना मंच से ऐसे दावे किए, जिनका प्रदेश के वास्तविक विकास से मेल नहीं बैठता।

सीएम ने कांग्रेस के पुराने शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि विकास के विभिन्न क्षेत्रों में मध्य प्रदेश ने पिछले वर्षों में काफी बदलाव देखा है।

2002-03 के आंकड़ों का दिया हवाला

मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा को लेकर कहा कि वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में ड्रॉपआउट दर करीब 16 प्रतिशत थी। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा के क्षेत्र में लगातार किए गए प्रयासों से इसमें बड़ी कमी आई है और सरकार ड्रॉपआउट दर को शून्य तक लाने की दिशा में काम कर रही है।

बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी का दावा

सीएम मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2002-03 के आसपास मध्य प्रदेश में बिजली उत्पादन की क्षमता करीब 5 हजार मेगावाट थी, जो अब बढ़कर लगभग 32 हजार मेगावाट हो गई है।

उन्होंने इसे प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विस्तार और विकास का उदाहरण बताया।

प्रति व्यक्ति आय का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक वर्ष 1956 से 2002-03 तक प्रति व्यक्ति आय करीब 11 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 1.59 लाख रुपये हो गई है।

रोजगार को लेकर भी सरकार का पक्ष रखा

मोहन यादव ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि मध्य प्रदेश में विभिन्न विभागों में भर्तियों की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने पुलिस विभाग का उदाहरण देते हुए करीब 18 हजार पदों पर भर्ती और लगभग 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देकर पुलिस सेवा से जोड़ने की बात कही।

राहुल गांधी के कार्यक्रम पर बढ़ी सियासी बयानबाजी

राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर छात्रों से संवाद हुआ। कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं।

इसी बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं के सामने तथ्य रखने के बजाय भ्रम फैलाने की कोशिश की गई। वहीं, राहुल गांधी ने कार्यक्रम में शिक्षा और रोजगार को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। दोनों पक्षों के बयानों के बाद मध्य प्रदेश में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

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