जिला अस्पताल दुर्ग पर एक छात्रा आलिया खान के इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है।
- आलिया को तेज बुखार के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि वहां की डॉक्टर डॉ. चारु ने परिजनों को बताया कि उसकी किडनी और लीवर डैमेज हैं तथा उसे डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) रेफर करने की सलाह दी।
- परिजनों ने इस पर संदेह होने पर छात्रा को चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल में दिखाया, जहां जांच के बाद बताया गया कि उसे केवल सामान्य बुखार था।
- इलाज के दो दिन बाद आलिया स्वस्थ होकर घर लौट गई।

- परिजनों ने आशीष मिंज को लिखित शिकायत देकर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
- खबर के अनुसार, शिकायत के बाद भी जांच और कार्रवाई लंबित है।
- रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि हाल ही में सिकल सेल बीमारी से पीड़ित एक युवती की मौत के मामले में भी अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगे थे और उसकी जांच भी अभी पूरी नहीं हुई है।
मुख्य मुद्दा:
खबर का केंद्र बिंदु यह आरोप है कि सरकारी अस्पताल में गलत चिकित्सीय जानकारी देने और बिना पर्याप्त आधार के गंभीर बीमारी बताकर रेफर करने से मरीज और उसके परिवार को अनावश्यक मानसिक तनाव हुआ, जिससे अस्पताल की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं।
ध्यान रहे कि यह समाचार में लगाए गए आरोपों का विवरण है। किसी भी डॉक्टर या अस्पताल की जिम्मेदारी औपचारिक जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही निश्चित रूप से तय की जा सकती है।