रायपुर। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) रायपुर ने अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला। मार्च कॉलेज बिल्डिंग से शुरू होकर कैजुअल्टी तक पहुंचा। इस दौरान जूनियर डॉक्टरों और विद्यार्थियों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों को शासन और संबंधित विभागों तक पहुंचाने का प्रयास किया।

JDA के मुताबिक, कैंडल मार्च का उद्देश्य चिकित्सकों की लंबित मांगों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करना और शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से उनके समाधान की दिशा में पहल करना है।
JDA रायपुर की तीन प्रमुख मांगें
JDA ने स्टाइपेंड, सेवा-बॉण्ड और सुपर-स्पेशियलिटी कैडर से जुड़ी तीन प्रमुख मांगें शासन के सामने रखी हैं।
1. स्टाइपेंड में उचित वृद्धि
JDA ने MBBS इंटर्न, बॉण्डेड मेडिकल ऑफिसर, PG रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट के स्टाइपेंड में उचित वृद्धि की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि चिकित्सकों की जिम्मेदारियों और सेवाओं को देखते हुए स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की आवश्यकता है।
2. सेवा-बॉण्ड की अवधि घटाने की मांग
UG और PG सेवा-बॉण्ड की अवधि को 2 वर्ष से घटाकर 1 वर्ष करने की मांग की गई है। JDA ने यह भी मांग रखी है कि नई व्यवस्था केवल आगामी बैचों तक सीमित न रहे, बल्कि वर्तमान और मौजूदा बैचों पर भी लागू की जाए।
3. Super-Speciality Cadre का गठन
JDA ने राज्य में Super-Speciality Cadre गठित करने की मांग की है। एसोसिएशन के अनुसार, इससे विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए स्पष्ट कैडर और दीर्घकालिक सेवा व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलेगी।
शांतिपूर्ण तरीके से जताई एकजुटता
कैंडल मार्च के दौरान चिकित्सकों और विद्यार्थियों ने अनुशासन एवं शांति के साथ अपनी मांगों को लेकर एकजुटता प्रदर्शित की। मार्च कॉलेज भवन से शुरू होकर कैजुअल्टी तक निकाला गया।
JDA रायपुर ने शासन और संबंधित विभागों से तीनों मांगों पर सकारात्मक और समयबद्ध निर्णय लेने का आग्रह किया है।