शहडोल: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में धुरवार टोल प्लाजा पर FASTag रिचार्ज कराने की बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि थार सवार एक युवक ने टोल कर्मचारी को बंदूक दिखाकर धमकाया। घटना के बाद टोल प्लाजा पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि पूरा घटनाक्रम वहां लगे CCTV कैमरों में कैद हो गया है। टोल कर्मचारी की शिकायत पर सोहागपुर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

FASTag में कम बैलेंस होने पर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, घटना सोहागपुर थाना क्षेत्र के धुरवार टोल प्लाजा की है। सुबह करीब 10 बजे टोल कर्मचारी राजकुमार यादव ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान बुढ़ार की ओर से शहडोल जा रही एक महिंद्रा थार टोल पर पहुंची।
कर्मचारी ने वाहन का FASTag स्कैन किया तो उसमें पर्याप्त बैलेंस नहीं मिला। इस पर उन्होंने चालक से FASTag रिचार्ज कराने के लिए कहा। आरोप है कि इसी बात पर वाहन में सवार ऋषि सिंह नाराज हो गए और गाड़ी से उतरकर कर्मचारी से बहस करने लगे।
बंदूक निकालकर धमकाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, कहासुनी बढ़ने पर ऋषि सिंह ने थार में रखी बंदूक निकाल ली और टोल कर्मचारी की ओर तानकर धमकी दी। अचानक हथियार निकाले जाने से वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों और यात्रियों में घबराहट फैल गई।
बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया। हालांकि, बंदूक की वास्तविक स्थिति और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
CCTV फुटेज के आधार पर जांच कर रही पुलिस
घटना के बाद टोल कर्मचारी राजकुमार यादव ने सोहागपुर थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पुलिस अब टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और घटना से संबंधित साक्ष्य जुटा रही है।
बंदूक असली थी या नकली? जांच के बाद होगा स्पष्ट
इस मामले में एक अहम सवाल यह भी है कि दिखाई गई बंदूक असली थी या नकली। यदि वह वास्तविक हथियार है, तो उसके लाइसेंस और सार्वजनिक स्थान पर इस्तेमाल किए जाने से जुड़े पहलुओं की भी जांच जरूरी होगी।
फिलहाल, पुलिस शिकायत और CCTV फुटेज के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। घटना में लगाए गए आरोपों की पुष्टि और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।