Bhilai Municipal Corporation से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने निगम के डिप्टी कमिश्नर को अदालत में अनुचित ड्रेस में उपस्थित होने पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अधिकारियों को यह जानकारी होनी चाहिए कि हाईकोर्ट में किस प्रकार के ड्रेसकोड और मर्यादा का पालन करना आवश्यक है।

सुनवाई के समय अदालत को बताया गया कि निगम कमिश्नर आवश्यक कारणों से उपस्थित नहीं हो सके, इसलिए उनकी ओर से डिप्टी कमिश्नर पेश हुए। इस पर कोर्ट ने सवाल उठाया कि पहले से सूचना होने के बावजूद अधिकारी तय समय पर अदालत में क्यों नहीं पहुंचे। अदालत ने कहा कि मामले की सुनवाई उनके कारण प्रभावित हो रही है और समय की गंभीरता समझना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
इसके बाद कोर्ट ने अधिकारी से उनका पद पूछा। अधिकारी ने स्वयं को डिप्टी कमिश्नर बताया। अदालत ने फिर उनके पहनावे पर आपत्ति जताते हुए पूछा कि क्या उन्हें हाईकोर्ट में उपस्थित होने के निर्धारित ड्रेसकोड की जानकारी नहीं है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो वे बिना किसी औपचारिकता के सीधे अदालत में आ गए हों।
कोर्ट ने आगे यह भी पूछा कि वे नियमित रूप से नियुक्त अधिकारी हैं या पदोन्नति के माध्यम से आए हैं। अधिकारी ने बताया कि वे राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। अंत में अदालत ने उन्हें उचित ड्रेसकोड में दोबारा उपस्थित होने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई की।