दुर्ग जिले के खपरी गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा घर में गैस सिलेंडर फटने से हुआ, जिसकी भयावह तस्वीरें पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गईं। मृतकों में दो बहनें, उनके पिता और डेढ़ साल की मासूम बच्ची शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक, हादसे की शुरुआत बिजली खंभे में हुए शॉर्ट सर्किट से हुई। खंभे में लगी आग धीरे-धीरे घर के बाहर बने प्लास्टिक और तिरपाल के छप्पर तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग किचन तक फैल गई, जहां रखा गैस सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया। धमाका इतना भीषण था कि आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे के समय घर के अंदर चांदनी वैष्णव (18 वर्ष), लक्ष्मी वैष्णव (20 वर्ष), उनके पिता अनिल वैष्णव (45 वर्ष) और डेढ़ साल की मासूम गोपिका वैष्णव मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि चारों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद मृतकों के शवों को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त अनिल वैष्णव की पत्नी, बेटा और एक बेटी घर के बाहर थे, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि बाहर मौजूद बेटी की डेढ़ साल की बच्ची घर के अंदर थी, जो आग की चपेट में आ गई।
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक आग पूरे घर में फैल चुकी थी। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
घटना की जानकारी मिलते ही सांसद विजय बघेल, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, एसएसपी विजय अग्रवाल, कलेक्टर अभिजीत सिंह सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसमें शासन की ओर से मिलने वाली 4 लाख रुपये की सहायता राशि के अतिरिक्त 5 लाख रुपये की विशेष सहायता शामिल है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को पीड़ित परिवार के रहने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा घटना की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं।