रायपुर। राजधानी रायपुर में 21 वर्षीय युवती से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार प्रधान की अदालत ने आरोपी एस. कुमार साहू को दोषी करार देते हुए दोहरा आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और 302 के तहत अलग-अलग आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों धाराओं में 500-500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक विजयश्री बिसेन ने पैरवी की।

2022 में कार के अंदर मिली थी युवती की लाश
मामला 31 मई 2022 का है। युवती का शव थनौद चौक स्थित पेट्रोल पंप के पास एक कार के अंदर मिला था। सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और हत्या में इस्तेमाल चाकू, खून लगे कपड़े तथा कार को जब्त किया था।
जांच के दौरान FSL रिपोर्ट मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य बनी। अभियोजन के मुताबिक, युवती की स्लाइड में मानव शुक्राणु पाए गए थे, जबकि जब्त चाकू पर मानव रक्त मिलने की बात सामने आई थी।
इन साक्ष्यों और जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया था।
1564 दिन से जेल में बंद था आरोपी
आरोपी 31 मई 2022 से जेल में बंद है। अदालत ने उसकी अब तक की 1564 दिनों की अभिरक्षा अवधि को सजा में समायोजित करने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही कोर्ट ने मृतिका के माता-पिता को प्रतिकर दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के इस फैसले को करीब चार साल पुराने दुष्कर्म और हत्या के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।