मध्यप्रदेश के रीवा जिले की मनगवां विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध के दौरान एक आदिवासी महिला की मौत हो गई। सरई कलां और रझौही कला गांव में चल रहे जल सत्याग्रह के दौरान विमला कोल की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें मनगवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में शोक के साथ आक्रोश है।

चार दिन से पानी में खड़े होकर कर रही थीं विरोध
जानकारी के अनुसार, करीब 28 हजार करोड़ रुपये की प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा परियोजना को लेकर क्षेत्र के ग्रामीण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीण जमीन अधिग्रहण और इलाके में हो रही ड्रिलिंग का विरोध कर रहे हैं।
इसी आंदोलन के तहत विमला कोल, पत्नी जमुना कोल, पिछले चार दिनों से पानी में खड़े होकर जल सत्याग्रह कर रही थीं। बताया जा रहा है कि लगातार पानी में रहने के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
अस्पताल में उपचार के दौरान मौत
तबीयत बिगड़ने के बाद विमला कोल को मनगवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही आंदोलन कर रहे ग्रामीणों में दुख और नाराजगी फैल गई।
हालांकि, महिला की मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि और जांच का विवरण फिलहाल सामने नहीं आया है। इसलिए यह स्पष्ट होना बाकी है कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
परियोजना के विरोध और ग्रामीणों की मांगों पर फिर उठे सवाल
विमला कोल की मौत के बाद प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर जारी विरोध एक बार फिर चर्चा में है। ग्रामीण परियोजना, जमीन अधिग्रहण और ड्रिलिंग को लेकर अपनी चिंताएं जता रहे हैं।
अब इस मामले में महिला की मौत के कारणों की जांच और ग्रामीणों की मांगों पर प्रशासन की प्रतिक्रिया अहम होगी। फिलहाल, आधिकारिक जांच और प्रशासनिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।