कौन हैं भोज साहू?
- Bhoj Sahu छत्तीसगढ़ के Balod जिले के ग्राम Deori (D) के निवासी हैं।
- पेशे से रेडियोग्राफर हैं और Dongargaon Community Health Centre में सेवाएं दे रहे हैं।
- पिछले 18 वर्षों से पर्यावरण और जल संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

अनोखी पहल: डाक से भेज रहे हैं बीज
- लोगों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से वे डाक के माध्यम से विभिन्न उपयोगी वृक्षों के बीज नि:शुल्क भेज रहे हैं।
- वे सैकड़ों लोगों के साथ-साथ राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को भी बीज भेज चुके हैं।
- सोशल मीडिया के माध्यम से जो लोग बीज मांगते हैं, उन्हें भी उनके पते पर बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
जल संरक्षण में योगदान
- जनसहयोग से डोंगरगांव क्षेत्र में लगभग 30 कुओं की सफाई और सौंदर्यीकरण कराया।
- जल स्रोतों के संरक्षण के लिए किए गए कार्यों के कारण उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
सम्मान
- जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें Jal Prahari Samman से सम्मानित किया जा चुका है।
‘नीम कॉरिडोर’ की अनूठी पहल
- भोज साहू ने अपने गांव देवरी (द) से खुरसुनी तक लगभग 6 किलोमीटर सड़क के दोनों किनारों पर नीम के पौधे लगाकर एक “नीम कॉरिडोर” विकसित किया है।
- यह परियोजना क्षेत्र में सामुदायिक भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण का सफल उदाहरण मानी जा रही है।
परिवार की भागीदारी
- उनके 8 वर्षीय पुत्र भी इस अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।
- बीज संग्रह, पौधारोपण और पर्यावरण जागरूकता से जुड़े वीडियो बनाकर लोगों को प्रेरित करते हैं।
इस पहल का संदेश
भोज साहू का कार्य यह दर्शाता है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर नहीं है। एक व्यक्ति भी लगातार प्रयास, जनसहयोग और जागरूकता के माध्यम से बड़े स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला सकता है। वृक्षारोपण, जल स्रोतों का संरक्षण और समुदाय की भागीदारी जैसे प्रयास पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उनका मूल संदेश है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर प्रकृति के लिए थोड़ा योगदान दे, तो पर्यावरण संरक्षण एक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।