मलेरिया पर सरकार का बयान
- स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि हाल में राज्य में तीन लोगों की मलेरिया से मौत हुई है, इसे छिपाया नहीं जा सकता।
- उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मलेरिया से एक भी मौत न हो और इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

मलेरिया नियंत्रण में उपलब्धियां
- मंत्री के अनुसार, छत्तीसगढ़ मलेरिया नियंत्रण का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा है।
- बस्तर संभाग में मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60% से घटकर 0.48% हो गई है।
- राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) 5.21 से घटकर 0.90 पर पहुंच गया है।
- वर्ष 2015 की तुलना में 2025 तक मलेरिया के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।
- उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में 16.97 लाख कीटनाशकयुक्त मच्छरदानियों का वितरण किया गया।
- इन प्रयासों के लिए छत्तीसगढ़ को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर “बेस्ट प्रैक्टिस” के रूप में सम्मानित किया गया।
बस्तर में स्वास्थ्य सेवाएं
- मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के तहत 34 लाख से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं।
- 60 हजार मरीजों को उच्च अस्पतालों में रेफर किया गया।
- 10 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनकी देखभाल की गई।
- पिछले दो वर्षों में 1,000 डॉक्टरों की भर्ती की गई।
- मातृ मृत्यु दर 142 से घटकर 122 होने का दावा किया गया।
स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तार
सरकार ने कई स्वास्थ्य परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी:
- कांकेर, कोरबा और महासमुंद में नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण (लक्ष्य: दिसंबर 2026)।
- मनेन्द्रगढ़, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम और गीदम में नए मेडिकल कॉलेजों की आधारशिला।
- कुनकुरी (जशपुर) में नए मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति।
- बिलासपुर (कोनी) में सिम्स के उन्नयन के लिए 1,412.44 करोड़ रुपये की परियोजना।
- रायपुर में 700 बिस्तरों वाले एकीकृत अस्पताल का निर्माण प्रस्ताव।
- नए जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र और क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण विभिन्न जिलों में जारी है।
- बिलासपुर में राज्य कैंसर संस्थान का लगभग 80% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।