September 14, 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) में फर्जी मेडिकल बिल घोटाले को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। एक ओर करोड़ों रुपये के कथित फर्जी भुगतान की जांच जारी है, वहीं दूसरी ओर इसी मामले में आरोपित 16 सहायक उप निरीक्षकों (ASI) को उप निरीक्षक (SI) के पद पर पदोन्नत किए जाने से नया विवाद खड़ा हो गया है।

पुलिस मुख्यालय ने हाल ही में 194 ASI को SI पद पर पदोन्नत किया है। इनमें 16 ऐसे ASI भी शामिल हैं, जिन पर फर्जी मेडिकल बिलों के जरिए 66.43 लाख रुपये का लाभ लेने का आरोप है और जिनसे संबंधित राशि की वसूली अभी लंबित बताई जा रही है।

पदोन्नति पर उठे सवाल

विभागीय नियमों के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय वसूली लंबित हो, तो सामान्यतः उसकी पदोन्नति नहीं की जाती। ऐसे में वसूली लंबित होने के बावजूद इन पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दिए जाने से पुलिस महकमे में सवाल उठ रहे हैं और मामला चर्चा का विषय बन गया है।

फरवरी 2025 में सामने आया था मामला

फर्जी मेडिकल बिलों का मामला फरवरी 2025 में सामने आया था, जब PHQ की कल्याण एवं लेखा शाखा ने मेडिकल प्रतिपूर्ति दावों की जांच शुरू की। जांच में वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान कथित तौर पर फर्जी ‘प्रोलॉन्ग सर्टिफिकेट’ (गंभीर बीमारी संबंधी प्रमाणपत्र) के आधार पर करीब 2.87 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किए जाने का खुलासा हुआ था।

जांच में 48 पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए थे, जिनमें से 16 पुलिसकर्मी हाल ही में जारी पदोन्नति सूची में शामिल हैं।

तीन कर्मचारी गिरफ्तार

इस मामले में जांच के बाद पुलिस मुख्यालय की लेखा शाखा में पदस्थ सूबेदार नीरज अहिरवार, ASI हरिहर सोनी और हर्ष वानखेड़े को गिरफ्तार किया जा चुका है।

हालांकि, जिन 16 पुलिसकर्मियों से 66.43 लाख रुपये की वसूली अभी शेष बताई जा रही है, उन्हें पदोन्नति दिए जाने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री तक भी पहुंच चुकी है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *