
- 19 अगस्त 2024 को मुरार क्षेत्र में सरोज वंशकार की 15 दिन की बेटी खुशी और 3 साल के बेटे रेयल का अपहरण किया गया।
- आरोप है कि पार्टी के बहाने सरोज को बेहोश कर दोनों बच्चों को अलग-अलग लोगों को सौंप दिया गया।
- पुलिस ने खुशी को मेरठ और रेयल को श्योपुर के कराहल से बरामद किया।
- अदालत ने पूजा उर्फ संजू शर्मा, दीपक बाल्मीक, शालू किशर, सत्यनारायण उर्फ संजय जाटव और नीलम गोस्वामी को दोषी ठहराया।
- पांचों को 14-14 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹40-40 हजार जुर्माना दिया गया।
- बच्चों के अपहरण के मुख्य आरोपी बताए गए सत्यनारायण और नीलम को अतिरिक्त 5-5 वर्ष की सजा भी सुनाई गई।
- अदालत ने गरीबी और पहली बार अपराध करने की दलील को स्वीकार नहीं किया और बच्चों की तस्करी को गंभीर अपराध मानते हुए कठोर सजा को आवश्यक बताया।
कुल मिलाकर, यह फैसला बाल अपहरण और मानव तस्करी के मामलों में कठोर न्यायिक रुख का उदाहरण है और बच्चों को उनकी मां से अलग कर बेचने जैसे अपराधों के खिलाफ स्पष्ट संदेश देता है।