
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ के मामलों को लेकर मोहल्ला और स्लम स्तर पर निगरानी का नया मॉडल लागू करने की योजना बनाई है। संगठन के मुताबिक, इसके तहत हर 10 घरों पर एक VHP कार्यकर्ता जिम्मेदारी संभालेगा।
इन कार्यकर्ताओं का उद्देश्य अपने क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों, कथित प्रलोभन या दबाव के मामलों की जानकारी संगठन और जरूरत पड़ने पर पुलिस तक पहुंचाना बताया गया है। साथ ही लोगों को धार्मिक जागरूकता से जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
स्लम इलाकों पर विशेष फोकस
VHP का कहना है कि सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर बस्तियों में जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर धर्मांतरण की गतिविधियां की जा सकती हैं। इसलिए इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने की योजना है।
इसके तहत हनुमान चालीसा पाठ, सनातन जागरूकता शिविर और ‘धर्म चौपाल’ जैसे कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई है। VHP के प्रांत प्रचार प्रमुख जितेंद्र सिंह चौहान ने इसे सनातन धर्म और सामाजिक जागरूकता से जोड़कर बताया।
कांग्रेस ने बताया चुनावी तैयारी
VHP के अभियान पर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने सवाल उठाते हुए इसे आगामी चुनावों की तैयारी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर समाज को बांटकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।
वहीं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सनातन की एकता और जागरूकता के लिए सामाजिक संगठनों की पहल पर कांग्रेस को आपत्ति नहीं करनी चाहिए।
गौरतलब है कि ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल अक्सर अंतरधार्मिक संबंधों में जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन कराने के आरोपों के लिए किया जाता है; ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति या घटना के बारे में निष्कर्ष ठोस जांच और कानूनी साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।