छतरपुर। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम से दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। धाम परिसर में स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के लिए 47 लाख रुपये की लागत से तैयार आधुनिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष अस्पताल) का लोकार्पण किया गया। वहीं, पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने चौथी ‘सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा’ को लेकर भी जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि अगली यात्रा उत्तर प्रदेश में लखनऊ से अयोध्या के बीच निकाली जा सकती है। छत्तीसगढ़ और बिहार में भी यात्रा निकालने पर विचार किया जा रहा है।

बागेश्वर धाम में 47 लाख की लागत से बना आयुष अस्पताल
बागेश्वर धाम में नए आयुष अस्पताल का लोकार्पण राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की उपस्थिति में हुआ। इस स्वास्थ्य केंद्र का उद्देश्य धाम आने वाले श्रद्धालुओं और आसपास के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
अस्पताल के संचालन के लिए दो डॉक्टर, चार कंपाउंडर और एक योग प्रशिक्षक की तैनाती की गई है। स्वास्थ्य केंद्र प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुलेगा। इसके शुरू होने से स्थानीय लोगों के साथ देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी उपचार और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा मिल सकेगी।
लखनऊ से अयोध्या तक निकल सकती है चौथी सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगामी चौथी ‘सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा’ की संभावित रूपरेखा भी बताई। उनके मुताबिक, यात्रा उत्तर प्रदेश के लखनऊ से अयोध्या के बीच निकाली जा सकती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ या बिहार में भी यात्रा आयोजित करने पर विचार चल रहा है।
हाल ही में संपन्न हुई तीसरी रथ यात्रा पांच दिनों में पांच जिलों से गुजरी थी। इस दौरान करीब 500 किलोमीटर का सफर तय किया गया और यात्रा लगभग 3,000 गांवों तक पहुंची। इसमें नशामुक्त समाज, जातिगत भेदभाव से मुक्ति और लव जिहाद के खिलाफ जागरूकता सहित सात संकल्पों का संदेश दिया गया था।
अगली यात्रा में रोज 40-50 किलोमीटर चलने की योजना
पिछली यात्रा के दौरान प्रतिदिन 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करनी पड़ी थी। इस दौरान 17 से 19 घंटे तक लगातार चलने की चुनौती भी रही।
इसी अनुभव को देखते हुए चौथी यात्रा में रोजाना करीब 40 से 50 किलोमीटर का लक्ष्य रखने की योजना है। इससे यात्रा की गति संतुलित रखने और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।