छतरपुर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर यात्रा पर निकलने जा रहे हैं। इस बार वे पदयात्रा के बजाय रथ यात्रा निकालेंगे। उन्होंने वीडियो संदेश के जरिए नवरात्रि के दौरान प्रस्तावित यात्रा का ऐलान किया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक यात्रा 11 अक्टूबर से शुरू होकर करीब 500 किलोमीटर का सफर तय करेगी और मध्यप्रदेश के पांच जिलों से होकर गुजरेगी।

हिंदू राष्ट्र के संकल्प से जुड़ी है यात्रा
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस यात्रा को भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के अपने संकल्प से जोड़ा है। उनके अनुसार यात्रा के जरिए सनातनियों को एकजुट करने और इस मुद्दे पर लोगों से संवाद करने का प्रयास किया जाएगा। यह उनका सार्वजनिक रूप से व्यक्त राजनीतिक-सामाजिक विचार है।
पांच जिलों से होकर गुजरेगी रथ यात्रा
प्रस्तावित रूट के अनुसार यात्रा छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह और टीकमगढ़ जिलों से होकर गुजरेगी। सामने आई जानकारी के मुताबिक यात्रा का रूट पन्ना के अमानगंज, पवई, सागर, दमोह और हटा होते हुए टीकमगढ़ की ओर जाने का है। कुछ रिपोर्टों में यात्रा की शुरुआत छतरपुर के गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम से होकर अजयगढ़ और पन्ना की ओर जाने की जानकारी भी दी गई है।
यात्रा में शामिल होंगे देशभर के साधु-संत
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मुताबिक रथ यात्रा में देशभर से साधु, संत, महंत और महात्मा शामिल होंगे। उन्होंने यात्रा के स्वरूप को लेकर कहा कि इसमें साधु-संतों का कमंडल और बागेश्वर धाम का मंडल होगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के भी शामिल होने की संभावना है।
रात में हनुमान चालीसा, हवन और शपथ का कार्यक्रम
यात्रा के दौरान जिन स्थानों पर रात्रि विश्राम होगा, वहां धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और हवन शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक इन कार्यक्रमों के दौरान लोगों को भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के संकल्प की शपथ भी दिलाई जाएगी।
यात्रा की अवधि को लेकर अलग-अलग जानकारी
मीडिया रिपोर्टों में यात्रा को 11 अक्टूबर से शुरू होने वाली पांच दिवसीय रथ यात्रा बताया गया है। वहीं बागेश्वर धाम के आधिकारिक कार्यक्रम कैलेंडर में ‘श्री आश्विन नवरात्र रथ यात्रा’ की अवधि 11 से 19 अक्टूबर 2026 दर्ज होने की रिपोर्ट है। ऐसे में यात्रा के अंतिम दिन और विस्तृत पड़ावों की आधिकारिक जानकारी आयोजकों के अंतिम रूट चार्ट से स्पष्ट होगी।