छत्तीसगढ़ में सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों में अत्यधिक धीमी प्रगति और काम पूरा करने में रुचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों पर लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने वाले 6 ठेकेदारों के पंजीयन के नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। इनमें से 2 ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त भी किए गए हैं।
विभाग के मुताबिक, संबंधित ठेकेदारों को काम में तेजी लाने के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए। अनुबंध अवधि बढ़ाने के साथ ठेकेदारों की ओर से काम पूरा करने के शपथ पत्र भी दिए गए, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।

बस्तर की महत्वपूर्ण सड़कों में देरी पर सरकार सख्त
बस्तर संभाग में निर्माणाधीन महत्वाकांक्षी सड़कों और पुल-पुलियों के काम में लगातार हो रही देरी की व्यापक समीक्षा के बाद राज्य शासन ने यह कार्रवाई की है।
सरकार के अनुसार, संबंधित ठेकेदारों को पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद उन्होंने निर्माण कार्यों को पूरा करने में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई। इसे सार्वजनिक आवागमन और जनसुविधा से जुड़े कार्यों में गंभीर लापरवाही के रूप में लिया गया है।
इन कार्रवाइयों को लेकर राज्य शासन ने बिलासपुर हाईकोर्ट में कैविएट भी दायर की है।
किन ठेकेदारों पर हुई कार्रवाई?
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय ने अनुबंधों के उल्लंघन और निर्माण कार्यों में लापरवाही के मामले में निम्न ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की है—
- के. मोहन रेड्डी — पंजीयन निरस्त, आदेश की तारीख से आगामी 5 वर्षों तक नवीनीकरण पर रोक।
- मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. — पंजीयन निरस्त, आगामी 5 वर्षों तक नवीनीकरण पर रोक।
- मेसर्स राघवा कन्सट्रक्शन — आगामी 5 वर्षों तक पंजीयन का नवीनीकरण नहीं होगा।
- मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन — आगामी 5 वर्षों तक पंजीयन नवीनीकरण पर रोक।
- मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर — आगामी 2 वर्षों तक पंजीयन का नवीनीकरण नहीं होगा।
- मेसर्स पंकज हालदार — आगामी 5 वर्षों तक पंजीयन नवीनीकरण पर रोक।
सुकमा की सड़कों के काम में भी कार्रवाई
लोक निर्माण विभाग ने सुकमा जिले में चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग और कोंटा-गोलापल्ली मार्ग के निर्माण कार्यों को लेकर कार्रवाई की है।
चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग का काम कर रहे मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। इसी तरह ठेकेदार के. मोहन रेड्डी का भी पंजीयन निरस्त करते हुए आगामी 5 वर्षों तक नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है। के. मोहन रेड्डी से भेज्जी-चिंतागुफा मार्ग और चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क का निर्माण कराया जा रहा था।
वहीं कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का काम कर रहे मेसर्स राघवा कन्सट्रक्शन के पंजीयन को 5 वर्षों तक और मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर के पंजीयन को 2 वर्षों तक नवीनीकृत नहीं किया जाएगा।
नारायणपुर के निर्माण कार्य भी कार्रवाई के दायरे में
नारायणपुर जिले में नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग का निर्माण कर रहे मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन के पंजीयन के नवीनीकरण पर आगामी 5 वर्षों तक रोक लगाई गई है।
इसी मार्ग पर पुल-पुलियों का निर्माण कर रहे मेसर्स पंकज हालदार के पंजीयन को भी आगामी 5 वर्षों तक नवीनीकृत नहीं किया जाएगा।
जनसुविधा से जुड़े कामों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक आवागमन और जनसुविधा से जुड़े निर्माण कार्यों में अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन और अनावश्यक देरी गंभीर विषय है। विभाग ने ऐसे मामलों में ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने की कार्रवाई की है।
सरकार की इस कार्रवाई से बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे सड़क और पुल निर्माण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।