रायपुर। ग्रेच्युटी, वेतन विसंगति और लंबित भुगतान की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश 108-102 कर्मचारी संघ ने बुधवार, 7 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में जय अंबे इमरजेंसी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यालय का घेराव किया। कर्मचारियों ने अवंती विहार स्थित ग्लोबल टावर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।

छह महीने बाद भी भुगतान नहीं मिलने का आरोप
संघ के अनुसार, जय अंबे इमरजेंसी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ने छत्तीसगढ़ में सितंबर 2019 से मार्च 2026 तक 108 संजीवनी एक्सप्रेस सेवा का संचालन किया था। टेंडर की अवधि समाप्त होने के बाद कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया।
कर्मचारियों का दावा है कि छह महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद उन्हें उनकी बकाया राशि नहीं मिली है। इसी को लेकर कर्मचारियों ने कंपनी के मुख्य कार्यालय के सामने प्रदर्शन शुरू किया है।
24 अगस्त को भी किया था घेराव
कर्मचारियों ने बताया कि इससे पहले 24 अगस्त को कंपनी के प्रधान कार्यालय में एक दिवसीय घेराव और धरना-प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान कंपनी की ओर से लिखित आश्वासन दिया गया था कि उपस्थित कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और वेतन विसंगति से जुड़ा भुगतान 10 कार्य दिवस में किया जाएगा।
वहीं, सभी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी का भुगतान 30 कार्य दिवस के भीतर करने का आश्वासन दिया गया था। संघ का आरोप है कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया।
चेतावनी पत्र के बाद शुरू हुआ अनिश्चितकालीन आंदोलन
संघ ने 30 सितंबर को कंपनी और स्वास्थ्य विभाग को दोबारा चेतावनी पत्र सौंपा था। संघ के मुताबिक, 6 अक्टूबर की मध्यरात्रि तक कोई सकारात्मक पहल नहीं होने के बाद 7 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन घेराव और धरना शुरू करने का निर्णय लिया गया।
ग्रेच्युटी, वेतन और कटौती की राशि देने की मांग
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबित ग्रेच्युटी का भुगतान, बकाया वेतन और वेतन से काटी गई राशि का भुगतान शामिल है। संघ ने कंपनी और संबंधित विभाग से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
फिलहाल कर्मचारियों ने अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही है। कंपनी की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।