लंबे समय से कायाकल्प का इंतजार कर रहे शहर के सबसे पुराने पार्कों में शामिल शहीद पार्क की तस्वीर अब बदलने की तैयारी है। महापौर संजय पांडे ने नगर निगम अधिकारियों के साथ पार्क का निरीक्षण कर मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को पार्क में सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ आवश्यक विस्तार के निर्देश दिए हैं।

कभी चहल-पहल से गुलजार रहता था शहीद पार्क
शहर के हृदय स्थल में स्थित शहीद पार्क कभी लोगों की चहल-पहल से गुलजार रहता था। बच्चों के लिए यहां रेलगाड़ी भी आकर्षण का केंद्र हुआ करती थी। बाद में इसकी जगह टॉय ट्रेन ने ले ली, लेकिन रखरखाव के अभाव में वह भी बदहाल हो गई।
पार्क के आसपास हुए बेतरतीब निर्माण का असर इसके ड्रेनेज सिस्टम पर भी पड़ा है। स्थिति यह है कि हल्की बारिश में ही पार्क परिसर में पानी भर जाता है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
झूले और ओपन जिम भी बदहाल
पार्क में बच्चों के लिए लगाए गए झूलों की लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण उनकी स्थिति खराब हो गई है। नगर निगम ने यहां लोगों की सुविधा के लिए ओपन जिम भी शुरू किया था, लेकिन रखरखाव के अभाव में वह भी उपेक्षित नजर आने लगा है।
शहीद पार्क में हर दिन बड़ी संख्या में लोग मॉर्निंग और इवनिंग वॉक के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद यहां पर्याप्त शौचालय की सुविधा नहीं होने से लोगों को परेशानी होती है।
पिंक टॉयलेट समेत बनेंगे नए टॉयलेट
निरीक्षण के दौरान महापौर संजय पांडे ने पार्क में सुविधाओं के विस्तार की घोषणा की। उन्होंने महिलाओं के लिए डीलक्स स्तर का पिंक टॉयलेट बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं पुरुषों के लिए भी अलग टॉयलेट का निर्माण किया जाएगा।
नई और आकर्षक बाउंड्रीवॉल का प्रस्ताव
महापौर ने पार्क के सामने मौजूद मौजूदा बाउंड्रीवॉल को हटाकर उसकी जगह नई और आकर्षक बाउंड्रीवॉल बनाने की बात कही। इसके साथ ही पार्क के प्रवेश द्वार और सुरक्षा कक्ष को भी बेहतर स्वरूप दिया जाएगा।
लैंडस्केपिंग और उद्यानिकी से बदलेगी तस्वीर
शहीद पार्क में लैंडस्केपिंग और उद्यानिकी के कार्य भी किए जाएंगे। इन कामों के जरिए पार्क को अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाने की योजना है। महापौर ने अधिकारियों को सुविधाओं में सुधार के साथ पार्क के समग्र विकास पर काम करने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम की प्रस्तावित योजनाएं जमीन पर उतरती हैं तो लंबे समय से बदहाली का सामना कर रहे शहीद पार्क को नया स्वरूप मिल सकता है और यहां आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।