इंदौर। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान मंच पर पुलिस अधिकारी और आयोजन से जुड़े लोगों के बीच हुई बहस अब सियासी बयानबाजी का मुद्दा बन गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, कार्यक्रम स्थल पर भारी भीड़ के बीच DCP नरेंद्र रावत मंच पर पहुंचे थे, जहां उनकी राहुल गांधी के सहयोगी और कार्यक्रम संचालन से जुड़े लोगों के साथ बहस हुई।
इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने DCP नरेंद्र रावत पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अधिकारी के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई ‘सिंघम’ आए और चले गए, लेकिन इंदौर अपनी जगह कायम है।

मंच पर पहुंचने के बाद हुई बहस
रिपोर्टों के अनुसार, कार्यक्रम शुरू होने से पहले DCP नरेंद्र रावत मंच पर पहुंचे और आयोजन को लेकर बातचीत हुई। इसी दौरान राहुल गांधी के सहयोगी केवी बैजू के साथ उनकी बहस होने की बात सामने आई। मामले में कांग्रेस के स्थानीय नेता भी मौके पर पहुंचे।
कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच सुरक्षा और आयोजन व्यवस्था को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच तनातनी की स्थिति बनी।
सज्जन वर्मा ने अधिकारी पर साधा निशाना
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सज्जन सिंह वर्मा ने अधिकारी के रवैये पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी खुद को ‘सिंघम’ समझ रहा है, लेकिन उसे यह भी समझना चाहिए कि सरकारें बदलती रहती हैं।
वर्मा ने अपने बयान में यह भी कहा, “तेरे बाप का कार्यक्रम नहीं है, राहुल गांधी का कार्यक्रम है।” यह बयान उन्होंने कार्यक्रम के दौरान अधिकारी और राहुल गांधी की टीम के बीच हुई कथित नोकझोंक के संदर्भ में दिया।
‘कई सिंघम आए और चले गए, ये इंदौर है प्यारे’
सज्जन सिंह वर्मा ने DCP को लेकर कहा कि “कई सिंघम आए और चले गए, ये इंदौर है प्यारे इंदौर।” उनके इस बयान के बाद घटना को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।
वर्मा ने अधिकारियों को लेकर सरकारों के बदलने का भी जिक्र किया। उनका बयान पुलिस प्रशासन के रवैये पर कांग्रेस की नाराजगी के रूप में सामने आया है।
कार्यक्रम में सुरक्षा और व्यवस्था बनी मुद्दा
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित हुआ था, जिसमें छात्रों ने शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं, रोजगार और अन्य मुद्दों पर अपनी बातें रखीं। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही।
मंच पर हुई पुलिस और आयोजन टीम की बहस के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रम संचालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, नोकझोंक की परिस्थितियों और दोनों पक्षों के बीच विवाद की पूरी पृष्ठभूमि को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।