November 6, 2026

रायपुर। हाईकोर्ट ने जल संसाधन विभाग के दिवंगत कर्मचारी की बहू को अनुकंपा नियुक्ति देने के मामले में संबंधित सक्षम अधिकारी को आवेदन पर 40 दिन के भीतर नियमानुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है। आवेदन पर लंबे समय तक फैसला नहीं होने के बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

2017 में हुई थी कर्मचारी की मौत

मामला जल संसाधन विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी से जुड़ा है, जिनकी वर्ष 2017 में मृत्यु हो गई थी। उनकी बहू शांति बाई यादव ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए 28 नवंबर 2020 को आवेदन प्रस्तुत किया था।

याचिकाकर्ता के अनुसार, आवेदन निर्धारित अवधि के भीतर प्रस्तुत किए जाने के बावजूद लंबे समय तक उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। करीब छह साल तक आवेदन लंबित रहने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।

याचिका में अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार बताया

शांति बाई ने अपनी याचिका में कहा कि वह दिवंगत कर्मचारी के आश्रित परिवार की सदस्य हैं और अनुकंपा नियुक्ति का लाभ पाने की पात्रता रखती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनका आवेदन निर्धारित समय-सीमा में दिया गया था, लेकिन विभाग की ओर से अब तक उस पर निर्णय नहीं लिया गया।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष आवेदन लंबित रहने और उस पर निर्णय नहीं होने का मुद्दा रखा।

राज्य ने नियमानुसार निर्णय लेने की बात कही

राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता अनिल पांडेय ने कोर्ट को बताया कि यदि 28 नवंबर 2020 का आवेदन अभी कार्यपालन अभियंता या संबंधित सक्षम अधिकारी के समक्ष लंबित है, तो उस पर नियमानुसार विचार कर निर्णय लिया जाएगा।

राज्य की ओर से दी गई इस सहमति के बाद हाईकोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की। कोर्ट ने सक्षम अधिकारी को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता के लंबित आवेदन पर 40 दिनों के भीतर कानून और लागू नियमों के अनुसार निर्णय ले।

इस तरह हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने का सीधे आदेश देने के बजाय संबंधित अधिकारी को आवेदन पर नियमानुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

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