इंदौर। इंदौर की 103 साल पुरानी पारंपरिक झिलमिलाती झांकियों का कारवां जब शहर की सड़कों पर निकला तो भक्ति और उत्साह के साथ राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच सौहार्द भी देखने को मिला। जेल रोड के पास भाजपा नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की मुलाकात चर्चा का विषय रही।

फूलों से सजी गाड़ी से कैलाश विजयवर्गीय ने किया अभिवादन
हर साल की तरह इस बार भी पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का मंच जेल रोड पर लगाया गया था। इसी दौरान कैलाश विजयवर्गीय फूलों से सजी विशेष गाड़ी में सवार होकर वहां से गुजरे।
उन्होंने मंच की ओर हाथ जोड़कर सज्जन सिंह वर्मा का अभिवादन किया और फूलों के जरिए उनका स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच आत्मीयता और सौहार्द का माहौल नजर आया।
माइक ने नहीं दिया साथ, अधूरा रह गया सज्जन वर्मा का अंदाज
सज्जन सिंह वर्मा अपने चुटीले राजनीतिक अंदाज और बयानों के लिए जाने जाते हैं। विजयवर्गीय के अभिवादन के बाद वे माइक के जरिए उनका आभार व्यक्त करने और कुछ कहने वाले थे, लेकिन इसी दौरान माइक की आवाज धीमी हो गई।
मंच के सामने मौजूद लोगों तक उनकी बात स्पष्ट रूप से नहीं पहुंच सकी। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच इस मौके पर होने वाली संभावित हल्की-फुल्की राजनीतिक नोकझोंक सुनने को नहीं मिल सकी।
ऐतिहासिक झांकियों के संरक्षण की उठी मांग
इस मुलाकात के बीच पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इंदौर की पारंपरिक झांकियों के संरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि ऐतिहासिक कपड़ा मिलों से जुड़ी इन पारंपरिक झांकियों को स्थायी संरक्षण दिया जाए और इनके संरक्षण व आयोजन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
इंदौर की झांकी परंपरा शहर की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। वर्मा ने इस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए संरक्षण की जरूरत पर जोर दिया।