इंदौर। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर सियासत तेज हो गई है। कार्यक्रम की तैयारियों और स्टेडियम के किराए को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता कर प्रशासन और भाजपा पर निशाना साधा।
पटवारी ने दावा किया कि कार्यक्रम के लिए स्टेडियम का 10 लाख रुपये किराया मांगा गया है और कांग्रेस यह राशि देने के लिए तैयार है। उन्होंने कार्यक्रम को पूरी तरह गैर-राजनीतिक बताते हुए कहा कि इसमें छात्रों की आवाज और उनके मुद्दों को प्रमुखता दी जाएगी।
10 लाख के किराए पर पटवारी का तंज
स्टेडियम के किराए को लेकर सवाल पूछे जाने पर जीतू पटवारी ने कहा कि प्रशासन ने 10 लाख रुपये किराए की मांग की है, जिसे कांग्रेस चुकाने के लिए तैयार है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “10 करोड़ रुपये का किराया मांगते, तो भी हम चंदा इकट्ठा करके दे देते।”
पटवारी ने इस दौरान कार्यक्रम को लेकर भाजपा और प्रशासन की आपत्तियों पर भी सवाल उठाए।
अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देकर भाजपा पर निशाना
जीतू पटवारी ने भाजपा की आपत्तियों पर पलटवार करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दौर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और वाजपेयी प्रधानमंत्री के तौर पर प्रदेश में आते थे, तब कांग्रेस नेता उनका स्वागत और अभिनंदन करते थे।
पटवारी के मुताबिक, आज राहुल गांधी के छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम को राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ विशुद्ध रूप से छात्रों की आवाज का कार्यक्रम है। पटवारी ने दावा किया कि मंच पर किसी कांग्रेस नेता को जगह नहीं दी जाएगी और वह खुद भी मंच पर नहीं बैठेंगे। उनके मुताबिक कार्यक्रम में छात्र अपनी बात रखेंगे और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी।
शिक्षा नीति और छात्र मुद्दों पर भी बोले पटवारी
प्रेसवार्ता के दौरान जीतू पटवारी ने नई शिक्षा नीति और छात्र-युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा समेत सभी राजनीतिक दलों से छात्रहित के मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर सामूहिक रूप से काम करने की अपील की।
कांग्रेस के मुताबिक, 19 सितंबर के कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। पार्टी की ओर से कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारियां की जा रही हैं।
अब देखना होगा कि राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर उठे किराए और राजनीतिक विवाद का आगे क्या असर होता है।