ग्वालियर: मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद ग्वालियर में कार्बाइड गन बनाने और बेचने वालों के खिलाफ पुलिस-प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सिरोल क्षेत्र में एक कारखाने पर छापेमारी कर 58 कार्बाइड गन बरामद की गईं, जबकि मुरार के घासमंडी इलाके की दो दुकानों से 8 गन जब्त की गईं। कार्रवाई के दौरान एसएसपी धर्मवीर सिंह भी मौके पर पहुंचे और संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

सिरोल में कार्बाइड गन बनाने की फैक्ट्री पकड़ी
दीपावली से पहले पुलिस ने सिरोल चौराहे स्थित मां पीतांबरा स्टील ट्रेडर्स पर छापामार कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि यहां दीपावली के लिए ऑर्डर पर कार्बाइड गन तैयार की जा रही थीं।
पुलिस ने मौके से 47 सिंगल बैरल, 10 डबल बैरल और पांच बैरल वाली एक गन बरामद की। इसके अलावा पांच पैकेट पोटाश भी जब्त किया गया। पुलिस ने दुकानदार रमन ओझा को हिरासत में लिया है। उससे गन की सप्लाई चेन और कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
मुरार की दो दुकानों से भी 8 गन जब्त
पुलिस ने मुरार के घासमंडी क्षेत्र में भी दो दुकानों पर कार्रवाई की। यहां से आठ कार्बाइड गन जब्त की गईं। संबंधित दुकानदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
इस तरह दोनों स्थानों पर हुई कार्रवाई में कुल 66 कार्बाइड गन जब्त की गई हैं।
धारा 163 के तहत निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद ग्वालियर पुलिस और प्रशासन ने कार्बाइड व पोटाश गन के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत कार्बाइड गन के निर्माण, खरीद और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।
पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें हार्डवेयर, वेल्डिंग, स्टील-आयरन से जुड़े प्रतिष्ठानों के साथ थोक पटाखा दुकानों का भी औचक निरीक्षण कर रही हैं।
पिछले साल 19 मामले आए थे सामने
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 में ग्वालियर में कार्बाइड गन से जुड़े 19 मामले सामने आए थे। इन घटनाओं में 18 लोगों की कॉर्निया में चोट आई थी। ऐसे हादसों को रोकने के लिए इस बार दीपावली से पहले ही निर्माण और बिक्री के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है।