कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में शनिवार को तीन सूत्रीय मांगों को लेकर सर्व पिछड़ा वर्ग समाज ने बड़ा आंदोलन किया। समाज की ओर से रैली निकालने के बाद विकास नगर स्टेडियम में सभा आयोजित की गई। आयोजकों के मुताबिक, आंदोलन में करीब 12 हजार लोग शामिल हुए। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए।

आंदोलन के दौरान स्टेडियम और आसपास के क्षेत्र में बैरिकेड्स लगाए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के साथ यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रखी गई।
तीन सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन
सर्व पिछड़ा वर्ग समाज की ओर से अपनी मांगों को लेकर प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। संगठन के मुताबिक, यह आंदोलन का दूसरा चरण है, जिसके तहत शनिवार को कोंडागांव में प्रदर्शन किया गया।
इससे पहले आंदोलन के प्रथम चरण का आयोजन कांकेर में किया गया था। संगठन ने कहा है कि मांगों को लेकर आगे भी संभागवार आंदोलन जारी रखा जाएगा।
क्या हैं समाज की तीन प्रमुख मांगें?
सर्व पिछड़ा वर्ग समाज की ओर से मुख्य रूप से ये मांगें रखी गई हैं—
- 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।
- पेसा कानून में समाज को शामिल किया जाए।
- जातिगत जनगणना सर्वे फॉर्म में समाज के लिए अलग कॉलम और कोड निर्धारित किया जाए।
इसके अलावा समाज की ओर से पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण विकास से जुड़ी अन्य मांगों को भी पूरा करने की मांग की गई है।
कोंडागांव के बाद सुकमा में आंदोलन की तैयारी
सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के संभागीय अध्यक्ष तरुण सिंह ने कहा कि अपने अधिकारों की मांग को लेकर बड़ी संख्या में समाज के लोग कोंडागांव में एकजुट हुए हैं।
उन्होंने कहा कि संगठन की प्रमुख मांगों में 27 प्रतिशत आरक्षण, पेसा कानून में शामिल करने और जातिगत जनगणना सर्वे फॉर्म में समाज के लिए अलग कॉलम और कोड की मांग शामिल है।
संगठन के मुताबिक, कोंडागांव के बाद आंदोलन का अगला चरण सुकमा जिले में 31 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इसके बाद भी संभागवार चरणबद्ध तरीके से आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
फिलहाल कोंडागांव में आयोजित आंदोलन के दौरान किसी अप्रिय घटना की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था तैनात रखी।