संक्षिप्त समाचार
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के बीच कथित फोन वार्ता को लेकर विवाद गहरा गया है। सांसद की शिकायत पर लोकसभा सचिवालय ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) से मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सांसद के समर्थन में बयान दिया है।

मुख्य बातें:
- बृजमोहन अग्रवाल ने आरोप लगाया कि 20 मई को फोन पर स्वास्थ्य सचिव ने उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया और कथित तौर पर कहा, “जो करना है कर लो।”
- सांसद का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े जनहित के मामलों पर भेजे गए कई पत्रों और रिमाइंडर का जवाब नहीं मिला।
- उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजने और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
- लोकसभा सचिवालय ने मामले की तथ्यात्मक जानकारी के लिए DoPT से रिपोर्ट मांगी है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन एक निर्वाचित सांसद के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं है।
- उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अधिकारियों की जवाबदेही कमजोर हुई है और यह जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ मतदाताओं के सम्मान का भी प्रश्न है।
फिलहाल यह मामला सांसद के आरोपों और शिकायत के आधार पर जांच एवं तथ्यात्मक जानकारी जुटाने की प्रक्रिया में है। स्वास्थ्य सचिव की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है।