November 6, 2026

ग्वालियर। कुशवाह समाज के छात्रावास-सह-सामुदायिक भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को काले झंडे दिखाए जाने के बाद हुआ विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। बेला की बावड़ी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विरोध और हंगामे के बाद दो पक्षों में झड़प और कुर्सियां फेंके जाने का वीडियो सामने आया था। अब मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है।

सिंधिया के संबोधन के दौरान दिखाए गए काले झंडे

रिपोर्टों के मुताबिक, सिंधिया के संबोधन के दौरान कुछ युवाओं ने नारेबाजी करते हुए काले झंडे दिखाए। विरोध करने वाले युवाओं को कार्यक्रम स्थल से हटाने की कोशिश के बाद स्थिति बिगड़ गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई और कुर्सियां फेंके जाने की घटना सामने आई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।

कुछ रिपोर्टों में विरोध करने वालों को स्थानीय सांसद भारत सिंह कुशवाह के समर्थक बताए जाने की चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से सभी पक्षों की भूमिका और विवाद की पूरी वजह को लेकर स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

नारायण सिंह कुशवाह ने कहा- प्रभावशाली नेताओं के बहकावे में आए युवा

विवाद के बाद मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने वीडियो जारी कर घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने किसी नेता का नाम लिए बिना कहा कि कुछ प्रभावशाली नेताओं के बहकावे में आकर युवाओं ने काले झंडे दिखाने जैसा कदम उठाया।

मंत्री ने कहा कि कुशवाह समाज किसी की जागीर नहीं है और ऊंचे पद पर बैठे लोगों को अपनी शक्ति का गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए समाज में एकजुटता और शांतिपूर्ण तरीके से काम करने की बात कही।

कार्यक्रम में सांसद भारत सिंह कुशवाह की मौजूदगी नहीं होने को लेकर भी राजनीतिक हलकों में अलग-अलग चर्चाएं सामने आई हैं। हालांकि, इन चर्चाओं और विवाद के बीच सीधा संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कांग्रेस ने बीजेपी की गुटबाजी का लगाया आरोप

मामले को लेकर कांग्रेस ने भी भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता राम पांडे ने आरोप लगाया कि भाजपा में पुरानी भाजपा और सिंधिया समर्थक खेमे के बीच टकराव चल रहा है।

राम पांडे ने इमरती देवी और पूर्व विधायक ममता मीना के पुराने बयानों का हवाला देते हुए भाजपा के भीतर मतभेद होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी के साथ अब कार्यकर्ताओं के स्तर पर भी विवाद सामने आ रहे हैं।

कांग्रेस ने इस घटना को भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी से जोड़कर सवाल उठाए हैं। हालांकि, ये कांग्रेस प्रवक्ता के राजनीतिक आरोप हैं और भाजपा की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद भी सियासी बहस जारी

घटना के दौरान पुलिस ने हस्तक्षेप कर प्रदर्शनकारियों और हंगामा कर रहे लोगों को मौके से हटाया था। कुछ युवाओं को पूछताछ के लिए थाने ले जाने की रिपोर्ट भी सामने आई है।

फिलहाल विवाद की वास्तविक वजह, प्रदर्शन में शामिल लोगों की भूमिका और घटना के पीछे की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। एक ओर मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने प्रभावशाली नेताओं के इशारे पर युवाओं के विरोध का आरोप लगाया है, वहीं कांग्रेस इसे भाजपा के भीतर गुटीय टकराव से जोड़ रही है। इन दावों की पुष्टि जांच और संबंधित पक्षों की आधिकारिक जानकारी के बाद ही हो सकेगी।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *