September 14, 2026

इंदौर। लंबे समय से चर्चित ‘पॉकेट गवाह’ मामले में इंदौर पुलिस ने बड़ी विभागीय कार्रवाई करते हुए खजराना थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी (टीआई) दिनेश वर्मा को इंस्पेक्टर पद से पदावनत कर सब-इंस्पेक्टर (एसआई) बना दिया है। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के आदेश के अनुसार यह पदावनति अगले तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगी।

विभागीय जांच में सामने आया कि खजराना थाने में दर्ज सैकड़ों मामलों में बार-बार एक ही दो व्यक्तियों को पंच और गवाह बनाया गया। जांच के अनुसार इरशाद नामक व्यक्ति को 742 मामलों में तथा नवीन नामक व्यक्ति को 504 मामलों में गवाह के रूप में शामिल किया गया। इनमें हत्या, लूट, दुष्कर्म, पॉक्सो, एनडीपीएस और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े प्रकरण भी शामिल थे। इससे विवेचना प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए।

जांच के दौरान कुछ मामलों में गवाहों के हस्ताक्षरों और कथित फर्जी हस्ताक्षरों से जुड़े आरोप भी सामने आए, जिन्हें गंभीरता से लिया गया। मामले की विस्तृत जांच तत्कालीन सीएसपी जयंत राठौर को सौंपी गई। उनकी रिपोर्ट में कई प्रक्रियात्मक खामियां उजागर होने के बाद विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई।

पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने अपने आदेश में कहा कि विभागीय जांच के दौरान दिनेश वर्मा से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि पुलिस नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं का समुचित पालन नहीं किया गया, जिसके चलते दंडात्मक कार्रवाई आवश्यक समझी गई।

पुलिस महकमे में इस कार्रवाई को अनुशासन और जवाबदेही का बड़ा संदेश माना जा रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह निर्णय स्पष्ट संकेत देता है कि विवेचना, पंचनामा और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *