दतिया। भगुवापुरा थाना क्षेत्र में 9 सितंबर की दरमियानी रात पुलिस द्वारा जुए के खिलाफ की गई कार्रवाई अब सियासी विवाद में घिर गई है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र चौहान समेत कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। अब भाजपा नेताओं ने इस कार्रवाई को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मामले को लेकर भाजपा सांसद संध्या राय और सेवढ़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष बाबा बुंदेला ने एसपी मयूर खंडेलवाल को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि सुरेंद्र चौहान को राजनीतिक रंजिश के चलते मामले में फंसाया गया है।
सांसद-विधायक ने SP से की बंद कमरे में मुलाकात
एसपी कार्यालय पहुंचने के बाद सांसद संध्या राय और विधायक प्रदीप अग्रवाल ने एसपी मयूर खंडेलवाल से उनके चैंबर में अलग से मुलाकात की। मुलाकात के बाद सांसद ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता को झूठे मामले में फंसाया गया है।
उन्होंने कहा कि एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।
वहीं, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष बाबा बुंदेला ने ज्ञापन के जरिए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सुरेंद्र चौहान को रंजिशन फंसाने का आरोप लगाया।
पुलिस ने कहा- सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
विवाद के बीच एसपी मयूर खंडेलवाल ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि बस्तूरी गांव थाना क्षेत्र में बड़े जुए की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई थी और आसपास के थाना प्रभारियों को भी इसमें शामिल किया गया था।
एसपी ने बताया कि जनप्रतिनिधियों की ओर से शिकायत मिलने के बाद मामले की प्राथमिक जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंप दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस फोर्स और बैरिकेडिंग को लेकर भी चर्चा
भाजपा नेताओं के एसपी कार्यालय पहुंचने के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गई है। चर्चा है कि सांसद और विधायक उस समय सर्किट हाउस में मौजूद थे। कार्यकर्ताओं से पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने कथित तौर पर एसपी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन रिसीव नहीं होने के बाद दोनों नेताओं को एसपी कार्यालय पहुंचना पड़ा।
हालांकि, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता घनश्याम पिरोनिया ने एसपी द्वारा फोन नहीं उठाए जाने की बात पर अनभिज्ञता जताई है। ऐसे में फोन पर संपर्क किए जाने और उसके बाद एसपी कार्यालय पहुंचने की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
अब जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर
जुआ कार्रवाई को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप और पुलिस की ओर से दी गई सफाई के बाद मामला राजनीतिक रूप ले चुका है। अब अतिरिक्त एसपी की प्राथमिक जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर सभी की नजर है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि कार्रवाई जुए की सूचना के आधार पर की गई थी, जबकि भाजपा नेताओं का आरोप है कि उनके कार्यकर्ता को गलत तरीके से मामले में फंसाया गया। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पुलिस की कार्रवाई में कोई अनियमितता हुई थी या नहीं।