धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पेट्रोल पंप परिसर में आगजनी करने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक बच्ची की मौत से नाराज था और इसके लिए पेट्रोल पंप प्रबंधन को जिम्मेदार मानता था। इसी गुस्से में उसने पेट्रोल पंप परिसर में खड़ी दो बाइकों में आग लगा दी। घटना मगरलोड थाना क्षेत्र के ग्राम मेघा की है।

पेट्रोल नोजल में आग लगाने की कोशिश, फिर दो बाइकों को जलाया
पुलिस के अनुसार, घटना 1 अक्टूबर 2026 की रात करीब 1:30 बजे ग्राम मेघा स्थित मातारानी पेट्रोल पंप परिसर में हुई। आरोपी की पहचान जीवन निषाद (47 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 01, मेघा के रूप में हुई है।
आरोप है कि जीवन निषाद पेट्रोल पंप परिसर में पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए पेट्रोल नोजल में आग लगाने का प्रयास किया। इसमें सफल नहीं होने पर उसने परिसर में खड़ी दो बाइकों को माचिस से आग लगा दी और मौके से फरार हो गया।
मगरलोड पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
घटना की रिपोर्ट के आधार पर मगरलोड थाने में अपराध क्रमांक 194/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 326(एफ) और 324(4) के तहत मामला दर्ज किया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में बच्ची की मौत से जुड़ी वजह आई सामने
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 26 सितंबर को पेट्रोल पंप के सामने खुले नाले में एक बच्ची गिर गई थी। इसके बाद वह महानदी में आई बाढ़ के पानी में बह गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
आरोपी ने बताया कि वह बच्ची को अपनी बेटी की तरह मानता था और उसकी मौत से बेहद नाराज था। वह बच्ची की मौत के लिए पेट्रोल पंप प्रबंधन को जिम्मेदार मानता था। पुलिस के अनुसार, इसी गुस्से में उसने पेट्रोल पंप परिसर में आगजनी की घटना को अंजाम दिया।
माचिस और कपड़े जब्त, न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कथित तौर पर घटना में इस्तेमाल की गई माचिस और घटना के समय पहने गए कपड़े जब्त किए हैं। आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और उसे न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
धमतरी पुलिस की अपील: कानून हाथ में न लें
धमतरी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी घटना या दुर्घटना से आक्रोशित होकर कानून अपने हाथ में न लें। किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ शिकायत होने पर पुलिस अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।