भोपाल। मध्य प्रदेश के बालाघाट के आदिवासी अंचलों में बच्चों की मौत के मामले को लेकर सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित नेताओं को प्रभावित क्षेत्रों में जाकर स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक, पूर्व मंत्री और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मिलें और उनके प्रति संवेदना व्यक्त करें। साथ ही बच्चों की मौत के कारणों और स्थानीय स्तर पर हुई संभावित लापरवाही की जानकारी जुटाकर सरकार को रिपोर्ट देने को कहा गया है।
सिकल सेल एनीमिया पर भी फोकस
बैठक में आदिवासी क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया के मामलों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बीमारी को लेकर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए।
गंभीर मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय करेंगे। सरकार का जोर जरूरतमंद मरीजों तक समय पर जांच और उपचार पहुंचाने पर है।
विकास योजनाओं की भी समीक्षा
बैठक में आदिवासी क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर लोगों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाएं और योजनाओं की जमीनी स्थिति की निगरानी करें।
बच्चों की मौत के मामले में यदि जांच के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो उसकी जानकारी भी सरकार को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।