भोपाल/जबलपुर। राजधानी भोपाल में चर्चित सीलिंग कार्रवाई से जुड़े 50 से अधिक लंबित मामलों पर आज मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ में एक साथ सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हाईकोर्ट ने सीलिंग से संबंधित सभी याचिकाओं को क्लब कर एक साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। इस दौरान नगर निगम भोपाल भी अदालत के सामने अपना पक्ष रखेगा।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद तेज हुई सुनवाई
सीलिंग कार्रवाई को लेकर भोपाल के व्यापारियों और दुकानदारों की ओर से अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील करने की प्रशासनिक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है।
इन मामलों की सुनवाई पहले 2 सितंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन सभी संबंधित याचिकाओं को एक साथ सूचीबद्ध कर अब आज सुनवाई निर्धारित की गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इन मामलों के जल्द निराकरण की प्रक्रिया तेज हुई है।
सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी की थी भंग
इस मामले में 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया था। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार की ओर से गठित कमेटी को भंग कर दिया था। साथ ही जबलपुर हाईकोर्ट को निर्देश दिए थे कि सीलिंग कार्रवाई से जुड़े मामलों में पहले से जारी स्थगन आदेशों (Stay Orders) पर जल्द सुनवाई की जाए और मामलों का अंतिम निराकरण किया जाए।
अब हाईकोर्ट की आज की सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकता है कि पहले से जारी स्टे आगे जारी रहेंगे या सीलिंग कार्रवाई को लेकर अदालत कोई नया निर्देश देगी।
जस्टिस विशाल मिश्रा की कोर्ट में होगी सुनवाई
सीलिंग मामलों की सुनवाई को लेकर हाईकोर्ट में बेंच में भी बदलाव हुआ है। इससे पहले इन मामलों में कई स्टे ऑर्डर न्यायमूर्ति मनिंदर भट्टी की अदालत से जारी हुए थे। अब संबंधित सभी मामलों की सुनवाई न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की कोर्ट में होगी।
आज की सुनवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके परिणाम का सीधा असर भोपाल में सीलिंग कार्रवाई का सामना कर रहे सैकड़ों व्यापारियों और दुकानदारों पर पड़ सकता है। वहीं नगर निगम और प्रशासन की आगे की कार्रवाई भी हाईकोर्ट के रुख पर निर्भर करेगी।
व्यापारियों की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर
भोपाल में सीलिंग कार्रवाई को लेकर लंबे समय से विवाद और कानूनी प्रक्रिया चल रही है। व्यापारियों की ओर से कार्रवाई पर रोक की मांग की गई है, जबकि प्रशासन की ओर से सीलिंग कार्रवाई को लेकर अपना पक्ष अदालत में रखा जाएगा।
ऐसे में आज होने वाली सामूहिक सुनवाई पर व्यापारियों के साथ-साथ नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों की भी नजरें टिकी हुई हैं।