November 6, 2026

राजधानी भोपाल से करीब 100 किलोमीटर दूर सीहोर जिले में स्थित वीआईटी (VIT) विश्वविद्यालय के नाम को लेकर विवाद गहरा गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने मामले में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई है। आयोग ने मध्यप्रदेश सरकार और यूजीसी से चार सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) पेश करने को कहा है।

‘VIT भोपाल’ नाम के इस्तेमाल पर उठे सवाल

पूरा विवाद विश्वविद्यालय की ओर से ‘VIT भोपाल’ नाम के इस्तेमाल को लेकर है। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में कहा गया कि विश्वविद्यालय सीहोर जिले में स्थित है, जो भोपाल से करीब 100 किलोमीटर दूर है। इसके बावजूद संस्थान अपने नाम में ‘भोपाल’ शब्द का इस्तेमाल कर रहा है। आरोप है कि इससे छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच संस्थान की वास्तविक लोकेशन को लेकर भ्रम की स्थिति बनती है।

जांच प्रतिवेदन पर भी आयोग ने जताई नाराजगी

शिकायत मिलने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले का संज्ञान लिया था। शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि विश्वविद्यालय के बचाव में आयोग को भ्रामक और असत्य जांच प्रतिवेदन भेजा गया।

इस पर आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोबारा जवाब तलब किया है। बताया जा रहा है कि मानवाधिकार आयोग इस मामले में पहले भी तीन बार पत्र लिख चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

चार सप्ताह में ATR पेश करने के निर्देश

मामले में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मध्यप्रदेश सरकार और यूजीसी से चार सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। अब संबंधित विभागों को तय समयसीमा में अपनी कार्रवाई और जवाब आयोग के सामने रखना होगा।

फिलहाल इस मामले में प्रशासन और यूजीसी की ओर से दिए जाने वाले जवाब का इंतजार है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *