जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज से मरीज को निजी अस्पताल भेजने और आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अतिरिक्त पैसे मांगने का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मरीज के आयुष्मान कार्ड से 47,000 रुपये की राशि काटने के बाद भी निजी अस्पताल में 30,000 रुपये अतिरिक्त देने का दबाव बनाया गया। मामले से जुड़ा कथित ऑडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

मेडिकल कॉलेज से निजी अस्पताल भेजने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए पहुंचे एक मरीज को कथित तौर पर उपचार उपलब्ध कराने के बजाय निजी अस्पताल भेज दिया गया। परिजनों के मुताबिक, मरीज को आशीष हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
आरोप है कि मरीज के पास आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल में अतिरिक्त भुगतान की मांग की गई। परिजनों का कहना है कि कार्ड के माध्यम से 47 हजार रुपये की राशि काटे जाने के बाद भी उनसे 30 हजार रुपये और देने को कहा गया।
अतिरिक्त पैसे नहीं देने पर मरीज को बाहर करने का आरोप
परिजनों के अनुसार, उन्होंने आर्थिक असमर्थता जताते हुए अतिरिक्त रकम देने से इनकार कर दिया। इसके बाद कथित तौर पर रात करीब 10 बजे मरीज को पूरा इलाज किए बिना ही अस्पताल से बाहर कर दिया गया।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
डॉक्टर का कथित ऑडियो वायरल, जांच टीम गठित
मामले में निजी अस्पताल के डॉक्टर अंकुर बंसल का मरीज के परिजनों से पैसे मांगने से संबंधित कथित ऑडियो वायरल होने की बात कही जा रही है। ऑडियो और वीडियो सामने आने के बाद मामला स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और मेडिकल कॉलेज के डीन ने मामले का संज्ञान लिया है। प्रशासन की ओर से विशेष जांच टीम गठित कर जांच शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों ने जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
मामले में मेडिकल कॉलेज से मरीज को निजी अस्पताल भेजने, आयुष्मान कार्ड के तहत भुगतान और अतिरिक्त रकम मांगने से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।