छतरपुर। जिले के न्यू कॉलोनी स्थित शासकीय वन स्टॉप सेंटर (सखी केंद्र) में रह रही एक नाबालिग बालिका के साथ मारपीट और गंभीर लैंगिक उत्पीड़न का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, केंद्र में रह रही चार अन्य नाबालिग बालिकाओं पर पीड़िता के साथ मारपीट, धमकाने और अमानवीय कृत्य करने के आरोप हैं। घटना के बाद तबीयत बिगड़ने पर पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

मामले में पुलिस ने बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। चार नाबालिग बालिकाओं को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
विवाद के बाद मारपीट और गंभीर उत्पीड़न का आरोप
जानकारी के मुताबिक, 25 और 26 सितंबर की दरम्यानी रात वन स्टॉप सेंटर में किसी बात को लेकर नाबालिग बालिकाओं के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद चार बालिकाओं ने मिलकर पीड़िता के साथ मारपीट की।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के बयान में मारपीट के दौरान आंख और पेट में चोट लगने की बात सामने आई है। इसके अलावा उसके साथ गंभीर लैंगिक उत्पीड़न किए जाने का भी आरोप है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में कराया गया भर्ती
घटना के बाद सुबह पीड़िता की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक उपचार के बाद उसकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार बताया गया है।
घटना की जानकारी मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पीड़िता के बयान और वन स्टॉप सेंटर की ओर से मिले आवेदन के आधार पर कार्रवाई शुरू की।
चार नाबालिगों पर दो अलग-अलग FIR
पुलिस के अनुसार, मामले में कुल चार नाबालिग बालिकाओं को आरोपी बनाया गया है और दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। एक मामले में पीड़िता के साथ मारपीट और लैंगिक उत्पीड़न के आरोपों की जांच की जा रही है।
पूछताछ के दौरान एक अन्य बालिका के साथ भी इन्हीं चार बालिकाओं द्वारा मारपीट और अमानवीय कृत्य किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद इस घटना को लेकर भी अलग से प्रकरण दर्ज किया गया है।
वन स्टॉप सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच
घटना के बाद वन स्टॉप सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस के मुताबिक केंद्र में होमगार्ड कर्मियों के साथ निजी सुरक्षा गार्ड भी तैनात हैं। अब घटना के समय सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी स्टाफ की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
केंद्र में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग की भी विभागीय स्तर पर जांच की जाएगी। पुलिस सेंटर के कर्मचारियों, अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है, ताकि घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की चूक हुई या नहीं, इसका पता लगाया जा सके।
पुलिस कर रही मामले की जांच
छतरपुर एसपी रजत सकलेचा के अनुसार, वन स्टॉप सेंटर से प्राप्त आवेदन के आधार पर चार नाबालिग बालिकाओं के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि घटना 25 और 26 सितंबर की दरम्यानी रात की है और पीड़िता का उपचार जारी है।
चूंकि आरोपी भी नाबालिग हैं, इसलिए उनके खिलाफ किशोर न्याय व्यवस्था के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट, CCTV फुटेज और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।