रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा सांसद एवं पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संतोष पांडेय ने वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मतदाताओं को भ्रमित कर रही है और निर्वाचन प्रक्रिया पर अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रही है। वहीं, भूपेश बघेल ने SIR के दौरान प्रदेश में 25 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने का दावा करते हुए भाजपा और निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है।

वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस पर बरसे संतोष पांडेय
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संतोष पांडेय ने कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री के कामों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए वोट चोरी का मुद्दा उठा रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का वोट शेयर लगातार गिर रहा है और पार्टी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं के मन में अविश्वास पैदा करने का प्रयास कर रही है।
पांडेय ने निर्वाचन आयोग को निष्पक्ष संस्था बताते हुए कहा कि आयोग जनादेश का रक्षक है। उन्होंने SIR की प्रक्रिया का बचाव करते हुए दावा किया कि केरल के कुछ कांग्रेस नेताओं और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी इसका समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में किसी तरह की गलती होने पर उसे सुधारने की व्यवस्था है। इसके लिए निर्धारित फॉर्म भरवाए जा रहे हैं, ताकि त्रुटियों को ठीक किया जा सके।
बिरगांव में SIR की गड़बड़ी पर भी चर्चा
बिरगांव नगर निगम में SIR के दौरान गड़बड़ी सामने आने के मुद्दे पर भी संतोष पांडेय ने प्रक्रिया में सुधार की व्यवस्था का हवाला दिया। हालांकि, उन्होंने इस मामले में कथित गड़बड़ी की प्रकृति और प्रभावित मतदाताओं की संख्या का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया।
महिलाओं के सम्मान को लेकर कांग्रेस पर निशाना
संतोष पांडेय ने महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस महिलाओं का अपमान करती है। राष्ट्रपति की मिमिक्री से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि उनका ध्यान इस मुद्दे की ओर नहीं जाता।
इसके साथ ही पांडेय ने भूपेश बघेल पर मनगढ़ंत बातें करने का आरोप लगाया। उन्होंने बघेल के परिवार के सदस्यों के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए सनातन धर्म, माता सीता और सगुण-निर्गुण से जुड़े विचारों पर सवाल उठाए।
25 लाख नाम काटे जाने के दावे पर भूपेश बघेल ने मांगा जवाब
दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में SIR के दौरान 25 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनकी सूची सार्वजनिक की गई है या नहीं।
बघेल ने कहा कि संतोष पांडेय भाजपा के प्रवक्ता होने के साथ सांसद भी हैं, इसलिए उन्हें इस मामले में स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि नाम 10 बार काटे जाएंगे। बघेल ने इसे अपने आरोपों के समर्थन में पेश किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों के बीच अंतर करना मुश्किल हो गया है।
स्मृति ईरानी के दौरे और गैस सिलेंडर की कीमतों पर तंज
भूपेश बघेल ने भाजपा नेता स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी पहले 500 रुपये में गैस सिलेंडर मिलने की बात करती थीं, लेकिन अब अडानी गैस पाइपलाइन बिछाने जा रहे हैं।
बघेल ने आशंका जताई कि पाइपलाइन के जरिए गैस आपूर्ति बढ़ने से गैस एजेंसी संचालकों के रोजगार पर असर पड़ सकता है। मोबाइल रिचार्ज की कीमतों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह जियो के रिचार्ज प्लान महंगे हुए हैं, उसी तरह गैस सिलेंडर भी महंगा हो सकता है।
पोस्टर-बैनर पर रोक के निर्देश को लेकर सरकार पर कटाक्ष
स्मृति ईरानी के स्वागत में पोस्टर और बैनर नहीं लगाने के निर्देश को लेकर भी बघेल ने विष्णुदेव साय सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पोस्टर-बैनर पर सबसे ज्यादा खर्च करती है और प्रधानमंत्री के करीब दिखने के लिए इस तरह के प्रचार पर पैसा लगाया जाता है।
बघेल ने कहा कि अब स्मृति ईरानी के दौरे पर पोस्टर-बैनर नहीं लगाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इससे भाजपा के कई लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
SIR को लेकर भाजपा और कांग्रेस के इन बयानों के बीच मतदाता सूची में नामों के पुनरीक्षण, कथित तौर पर हटाए गए नामों और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता का मुद्दा प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।