November 6, 2026

जबलपुर। मध्य प्रदेश के चर्चित सागर जहरीली शराब कांड मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) का निराकरण कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित कर दिया है और याचिकाकर्ता अपने सभी मुद्दे, शिकायत और पक्ष आयोग के समक्ष रख सकते हैं।

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि सागर शराब कांड की जांच के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश वीपीएस चौहान की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग गठित किया गया है। आयोग को जांच पूरी करने के लिए तीन महीने की समयसीमा दी गई है।

याचिकाकर्ता आयोग के सामने रख सकेंगे अपना पक्ष

दमोह निवासी वैभव सिंह ने सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों और लोगों के बीमार पड़ने के मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में निष्पक्ष जांच के साथ जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से यह पक्ष रखा गया कि घटना के कई पहलुओं की अभी जांच जरूरी है। इस पर हाईकोर्ट ने उन्हें न्यायिक आयोग के समक्ष स्वतंत्र रूप से अपनी शिकायत और आपत्तियां रखने की अनुमति दी। कोर्ट ने राज्य की ओर से अब तक उठाए गए कदमों को देखते हुए PIL का निराकरण कर दिया।

PIL में उठाए गए थे ये प्रमुख मुद्दे

जनहित याचिका में मुख्य रूप से—

  • सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच की मांग।
  • सागर कलेक्टर और SP को हटाने की मांग।
  • अधिकारियों की कथित लापरवाही और भूमिका की जांच।
  • संदिग्ध शराब के स्टॉक को कथित तौर पर दी गई क्लीन चिट की जांच।
  • पूर्व में मिली शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग।
  • अवैध और मिलावटी शराब के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कड़े दिशा-निर्देश की मांग।

याचिका में गृह विभाग, आबकारी विभाग, पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सागर कलेक्टर, SP, जिला आबकारी अधिकारी और बंडा थाना प्रभारी को पक्षकार बनाया गया था।

सरकार ने हाईकोर्ट को बताई कार्रवाई

सुनवाई के दौरान सरकार ने मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी भी कोर्ट के सामने रखी। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने न्यायिक आयोग के गठन के अलावा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई, शराब दुकानों को सील करने और प्रभावित लोगों को उपचार एवं मुआवजा देने की जानकारी दी।

अब सागर शराब कांड से जुड़े वे मुद्दे, शिकायतें और आपत्तियां जिन्हें याचिकाकर्ता उठाना चाहते हैं, न्यायिक आयोग के समक्ष रखे जा सकेंगे। आयोग की जांच और रिपोर्ट के आधार पर आगे की दिशा तय होगी।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *