जबलपुर। मध्य प्रदेश के चर्चित सोम डिस्टलरीज मामले में शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ में सुनवाई हुई। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने राज्य सरकार से एक सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दोबारा की जा रही है। सर्वोच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट को मामले में दो सप्ताह के भीतर निर्णय लेने के लिए कहा है। मामला शराब लाइसेंस के नवीनीकरण और आबकारी विभाग की नई निविदा प्रक्रिया से जुड़ी याचिका का है।

इससे पहले आबकारी आयुक्त ने सोम डिस्टलरीज के आठ लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। कंपनी पर फर्जी परमिट के माध्यम से शराब परिवहन करने के आरोप लगाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, कंपनी को 4 फरवरी 2026 को नोटिस जारी किया गया था। अब हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई में सरकार के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।