उज्जैन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप हथकरघा क्षेत्र को बढ़ावा देने, पारंपरिक कला को संरक्षित करने और स्थानीय महिलाओं व बुनकरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उज्जैन में महत्वपूर्ण पहल की गई है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर रोड स्थित बाबा साहब नातू सामुदायिक भवन के पास ‘हैण्डलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में एक बार फिर कॉटन और अन्य कपड़ों के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। सेंटर में महिलाओं को हथकरघा और बुनाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे घर पर चरखा चलाकर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को प्रतिमाह करीब 15 से 20 हजार रुपये तक की आय का अवसर मिल सकता है। लूम के संचालन से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भविष्य में कॉटन के साथ-साथ रेशम उत्पादन की योजना पर भी काम किया जाएगा।

प्रशिक्षण के साथ उत्पादों की बिक्री की भी व्यवस्था
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंटर का निरीक्षण किया और वहां मौजूद महिलाओं से चर्चा कर हथकरघा उद्योग के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने स्वयं चरखा भी चलाया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सेंटर के प्रथम तल पर नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को हथकरघा क्षेत्र से जोड़ा जा सके। वहीं, भूतल पर तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए शो-रूम विकसित करने की बात भी कही।
महिलाओं को मिलेगा छह महीने का प्रशिक्षण
‘हैण्डलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ में महिलाओं को करीब छह महीने का बुनियादी हाथकरघा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें हाथकरघा संचालन, बुनाई और कपड़ा निर्माण की विभिन्न तकनीकों में दक्ष बनाया जाएगा।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाओं के लिए घर से काम करने और हथकरघा आधारित रोजगार से जुड़ने के अवसर तैयार किए जाएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने के साथ पारंपरिक बुनाई कला को भी आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
मृगनयनी को मिला डिजिटल प्लेटफॉर्म का दर्जा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत संचालित मृगनयनी ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मृगनयनी देश का पहला सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) के स्वामित्व वाला जिला-एक उत्पाद (ODOP) केंद्रित डिजिटल प्लेटफॉर्म बना है।
उन्होंने कहा कि यह पहल मध्यप्रदेश के स्थानीय उत्पादों को डिजिटल पहचान देने के साथ प्रदेश के कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार के नए अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
खादी को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में बने खादी उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहुंच मिली है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में खादी ग्रामोद्योग के मुनाफे में 200 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने धार में प्रस्तावित पीएम मित्रा पार्क का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष धार में पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास किया गया था और यह देश के बड़े औद्योगिक पार्कों में शामिल होगा।
सांसद अनिल फिरोजिया ने बताया महिलाओं के लिए बड़ी सौगात
कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से उज्जैन को एक और सौगात मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हथकरघा केंद्र के माध्यम से स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बनेंगी।
हैण्डलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के शुरू होने से अब उज्जैन में हथकरघा गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। प्रशिक्षण, उत्पादन और बिक्री को एक ही मंच से जोड़ने की पहल से स्थानीय महिलाओं और बुनकरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।