November 4, 2026

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में सड़क हादसे में स्कूटी सवार महिला चंद्रावती जायसवाल की मौत के बाद हुए चक्काजाम और आगजनी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। ग्रामीणों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पुलिस-प्रशासन पर नाराजगी जताई और एकतरफा कार्रवाई को गलत बताया। उन्होंने मृतका के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और अधिकारियों से पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने को कहा।

मंत्री ने सवाल उठाया कि हादसा दोपहर करीब 12 बजे हुआ और आगजनी शाम 6 बजे हुई, तो इस बीच पुलिस-प्रशासन क्या कर रहा था? उन्होंने कहा कि तीन दिन के भीतर छह ग्रामीणों को जेल भेज दिया गया, लेकिन संबंधित क्रशर वैध है या नहीं, इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पुलिस-प्रशासन से पूछे सवाल

मृतका चंद्रावती जायसवाल के घर पहुंचीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने उनके परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने चक्काजाम और आगजनी की घटना को लेकर ग्रामीणों पर हुई कार्रवाई पर सवाल उठाए।

मंत्री ने हादसे के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे ट्रैक्टर चालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए आरोप लगाया कि ग्रामीणों को जबरन फर्जी मामलों में फंसाया जा रहा है।

राजवाड़े ने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है। उन्होंने घटना के दौरान कांग्रेस के एक नेता के हाथ में लाठी लेकर लोगों को दौड़ाने की बात सामने आने का जिक्र करते हुए पूछा कि उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।

पुलिसकर्मी को लगाई फटकार, बिना सबूत जेल न भेजने के निर्देश

मौके पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने मंत्री को बताया कि उपद्रव के बाद कुछ आरोपियों को जेल भेजने से स्थिति शांत हुई। इस पर मंत्री ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि लोगों के साथ बल प्रयोग या मारपीट की स्थिति नहीं बननी चाहिए।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पुलिस को निर्देश दिए कि किसी भी ग्रामीण को ठोस सबूत के बिना जेल न भेजा जाए। उन्होंने हिरासत में लिए गए लोगों के साथ मारपीट नहीं करने और पूरे मामले में निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करने पर जोर दिया।

क्या है सूरजपुर सड़क हादसे का पूरा मामला?

यह घटना चांदनी बिहारपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुबेरपुर में शनिवार, 17 अक्टूबर को हुई थी। जानकारी के मुताबिक, गिट्टी से लदे एक ट्रैक्टर ने स्कूटी सवार चंद्रावती जायसवाल को टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया।

महिला की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। लोगों ने बस्ती के पास संचालित क्रशर को हटाने और मृतका के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई।

मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ मार्ग पर चार घंटे चला चक्काजाम

हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि बस्ती से क्रशर हटाया जाए और मृतका के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। चक्काजाम करीब चार घंटे तक चला।

इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और पाठक क्रशर में आग लगा दी। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात संभालने का प्रयास किया।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बिहारपुर के तहसीलदार करमचंद जाटवर, एसडीओपी और थाना प्रभारी लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता को बंधक बना लिया। काफी समझाइश के बाद स्थिति नियंत्रित हुई और प्रदर्शन समाप्त कराया गया।

क्रशर की वैधता और कार्रवाई पर उठे सवाल

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने संबंधित क्रशर की वैधता की जांच और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि आगजनी के मामले में किसी निर्दोष ग्रामीण को परेशान न किया जाए और कार्रवाई ठोस साक्ष्यों के आधार पर हो।

मामले में सड़क हादसे, आगजनी और ग्रामीणों के खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है। मंत्री की नाराजगी के बाद अब पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई और क्रशर की वैधता को लेकर आगे की स्थिति पर नजर रहेगी।

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