बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में चक्रवात ‘अर्नब’ और ओडिशा के खातीगुड़ा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद आई भीषण बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मकानों के पुनर्निर्माण और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज स्वीकृत करने की मांग की है।

बस्तर, सुकमा और बीजापुर में भारी बारिश से बिगड़े हालात
सांसद महेश कश्यप ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से 24 से 27 सितंबर के बीच बस्तर संभाग में मूसलाधार बारिश हुई। इसका विशेष असर बस्तर, सुकमा और बीजापुर जिलों में देखने को मिला।
पत्र के मुताबिक, ओडिशा के खातीगुड़ा बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई। कई गांवों और निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ और बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ।
सैकड़ों मकान ढहे, फसलों और सड़कों को भी नुकसान
सांसद द्वारा पत्र में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ के कारण तीन जिलों में सैकड़ों मकान ढह गए। इनमें बस्तर जिले में करीब 700 मकान, सुकमा में 100 मकान और बीजापुर में 90 मकान क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी गई है।
बाढ़ से केवल आवासीय संपत्तियों को ही नुकसान नहीं पहुंचा, बल्कि फसलें भी प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा कई जगह सड़कें और पुलिया क्षतिग्रस्त होने से बुनियादी ढांचे पर भी असर पड़ा है।
तीन जिलों के लिए अलग-अलग राहत राशि की मांग
महेश कश्यप ने प्रधानमंत्री से प्रभावित परिवारों को राहत देने और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। उन्होंने तीनों जिलों के लिए अलग-अलग राशि आवंटित करने की मांग की है।
- बस्तर जिला: 300 करोड़ रुपये
- सुकमा जिला: 100 करोड़ रुपये
- बीजापुर जिला: 100 करोड़ रुपये
इस तरह सांसद ने कुल 500 करोड़ रुपये का राहत पैकेज स्वीकृत करने की मांग की है।
पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं की बहाली पर जोर
सांसद ने पत्र में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, टूटे मकानों के पुनर्निर्माण और क्षतिग्रस्त सड़कों व पुलियों को दुरुस्त करने के लिए आर्थिक सहायता की जरूरत बताई है। प्रस्तावित राहत पैकेज का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को राहत पहुंचाने और बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने में मदद करना है।
फिलहाल यह सांसद की ओर से की गई मांग है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 500 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत होने के संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।